सरगुजा। छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले से एक चौंकाने वाली और दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। प्रतापगढ़ स्थित DAV पब्लिक स्कूल में दूसरी कक्षा की छात्रा समृद्धि गुप्ता (8 साल) को उसकी शिक्षिका ने इतनी क्रूर सजा दी कि बच्ची के पैरों के मसल्स तक क्रैक हो गए।
बच्ची की हालत नाजुक
पीड़िता को शिक्षिका ने टॉयलेट जाने पर पहले डंडे से मारा और फिर क्लास में 100 बार उठक-बैठक करने की सजा दी। लगातार उठक-बैठक से बच्ची के पैरों में असहनीय दर्द शुरू हो गया।
हालत इतनी बिगड़ी कि बच्ची खड़ी तक नहीं हो पा रही थी। डॉक्टरों ने जांच में पाया कि बच्ची के पैरों के मसल्स क्रैक हो चुके हैं और वह चलने-फिरने की स्थिति में नहीं है।आखिर क्यों दी गई सजा?
जानकारी के मुताबिक, समृद्धि जब टॉयलेट जा रही थी तो उस समय शिक्षिका नम्रता गुप्ता मोबाइल चला रही थीं। उन्होंने छात्रा से सवाल किया कि वह कहां जा रही है।
जब छात्रा ने टॉयलेट जाने की बात बताई तो शिक्षिका ने पहले डंडे से मारा और फिर क्लास में बुलाकर 100 उठक-बैठक करने को कहा।प्रशासन की प्रतिक्रिया
मामले पर जिला शिक्षा अधिकारी (DEO दिनेश झा) ने कहा कि अभी तक उन्हें कोई औपचारिक शिकायत नहीं मिली है। शिकायत आने पर जांच कराई जाएगी।
वहीं, सीतापुर BEO इंदु तिर्की ने घटना की पुष्टि करते हुए कहा कि शिक्षा विभाग की टीम 2 दिनों में जांच करेगी और यदि शिक्षिका दोषी पाई जाती है तो सख्त कार्रवाई होगी।बच्चों पर शारीरिक दंड गैरकानूनी
सुप्रीम कोर्ट और Right to Education Act, 2009 की धारा 17 के अनुसार बच्चों को मानसिक और शारीरिक दंड देना पूरी तरह गैरकानूनी है। इसके बावजूद स्कूलों में इस तरह की घटनाएं शिक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करती हैं।परिवार की मांग
समृद्धि वर्तमान में एक निजी अस्पताल में भर्ती है। वह अपने बड़े पिता अनुराग गुप्ता के साथ गुतुरमा गांव, प्रतापगढ़ में रहकर पढ़ाई करती है।
उसके पिता मनोज गुप्ता अंबिकापुर में नौकरी करते हैं। परिवार ने शिक्षिका और स्कूल प्रबंधन के खिलाफ कड़ी कार्रवाई और तत्काल निलंबन की मांग की है।




