सीजी भास्कर, 15 सितंबर। छत्तीसगढ़ की नौकरशाही (Chief Secretary Profile) में इस समय बड़ा उत्साह और हलचल है। मुख्य सचिव अमिताभ जैन 30 सितंबर को रिटायर होने वाले हैं और उनके बाद राज्य की प्रशासनिक कमान के लिए बड़े मंथन की प्रक्रिया शुरू हो गई है। इस पद के लिए रायपुर से दिल्ली तक चर्चा और विचार-विमर्श तेज है। हर आईएएस अधिकारी अपने अनुभव और प्रशासनिक दक्षता के आधार पर भविष्य की इस अहम नियुक्ति में चर्चा में है।
राज्य में भविष्य के चीफ सेक्रेटरी के नाम को लेकर सस्पेंस बरकरार है। अधिकारी वर्ग, राजनीतिक नेतृत्व और केंद्र सरकार के बीच लगातार बातचीत जारी है। खबरों के अनुसार पांच आईएएस अफसर इस पद के लिए सबसे योग्य माने जा रहे हैं। इनमें विकासशील गुप्ता और रेणु गोनेला पिल्ले का नाम सबसे आगे चल रहा है। इसके अलावा मनोज पिंगुआ, सुब्रत साहू और अमित अग्रवाल के नाम भी चर्चा में हैं।
IAS विकासशील गुप्ता (Chief Secretary Profile) वर्तमान में एशियन डेवलपमेंट बैंक के कार्यकारी अधिकारी के रूप में कार्यरत हैं। उनके पास योजना, वित्त और नीति निर्माण का अनुभव है, जो राज्य प्रशासन के लिए लाभदायक हो सकता है। विकासशील गुप्ता की पत्नी निधि छिब्बर भी 1994 बैच की आईएएस हैं और नीति आयोग में पदस्थ हैं। इससे पहले विकासशील DMEO (डेवलपमेंट मॉनिटरिंग एंड इवैल्यूएशन ऑफिस) की महानिदेशक रह चुके हैं। नौकरशाही में इन्हें और उनकी पत्नी को ‘पावर पेयर’ के नाम से जाना जाता है।
इसी तरह IAS रेणु गोनेला पिल्ले (Chief Secretary Profile) को काबिल और निर्णायक प्रशासक माना जाता है। वे दबाव में भी ठोस और सटीक निर्णय लेने के लिए जानी जाती हैं। जनवरी 2025 में जब मुख्य सचिव अमिताभ जैन छुट्टी पर थे, तब पिल्ले को कार्यवाहक मुख्य सचिव बनाया गया था। यह सरकार की उन पर भरोसे का बड़ा संकेत माना गया और अब चीफ सेक्रेटरी की रेस में वे सबसे आगे हैं।
पिंगुआ के नाम पर भी चर्चा
प्रदेश के 1994 बैच के वरिष्ठ IAS अफसरों में से एक मनोज पिंगुआ के मुख्य सचिव बनाए जाने की चर्चा है। बीते महीने मनोज पिंगुआ दिल्ली में प्रधानमंत्री कार्यालय के कुछ वरिष्ठ अफसरों से मिले थे। इसके बाद अब माना जा रहा है कि वे मुख्य सचिव के पद पर नियुक्त हो सकते हैं। मनोज पिंगुआ को साफ-सुथरी छवि वाला और शांत स्वभाव का प्रशासक माना जाता है। वे मुख्यमंत्री सचिवालय की पहली पसंद भी हैं। वर्तमान में वे गृह और जेल विभाग के अपर मुख्य सचिव हैं और छत्तीसगढ़ आईएएस एसोसिएशन के अध्यक्ष भी हैं। पिंगुआ लंबे समय तक गृह और जेल विभाग के प्रमुख सचिव रहे। इसके अलावा वे व्यावसायिक परीक्षा मंडल और माध्यमिक शिक्षा मंडल के अध्यक्ष भी रह चुके हैं। उन्होंने कई जिलों में कलेक्टर के रूप में काम किया। जांजगीर-चांपा जिला निर्माण के बाद वे वहां के दूसरे कलेक्टर बने।
सुब्रत साहू भी इस रेस में शामिल
चर्चा में दूसरे बड़े नाम के रूप में सुब्रत साहू सामने आए हैं। सुब्रत साहू छत्तीसगढ़ कैडर के 1992 बैच के IAS अधिकारी हैं। एक सर्वेक्षण में उन्हें देश के 50 प्रभावशाली IAS अधिकारियों में शामिल किया गया था। वर्तमान में वे धार्मिक न्यास और धर्मस्व विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव हैं और रामलला तीर्थ दर्शन योजना में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। मुख्य सचिव के पद के लिए पिंगुआ और सुब्रत साहू दोनों ही अपने प्रशासनिक अनुभव और दक्षता के कारण चर्चा में हैं। प्रशासनिक विशेषज्ञ और राजनीतिक हलकों के अनुसार, पिंगुआ का नाम फिलहाल प्राथमिकता में है, लेकिन अंतिम निर्णय मुख्यमंत्री और केंद्र के संयुक्त मंथन के बाद ही लिया जाएगा।




