सीजी भास्कर, 16 सितम्बर। रात में सफर करने वाले मुसाफिरों के लिए अब अंधेरा खतरा नहीं बनेगा। हाईवे (AI Highway Monitoring) पर लगी लाइटें अचानक बंद हों और दिनों तक कोई सुध न ले — ये दौर खत्म होने वाला है। सरकार ने ऐसा सिस्टम बनाने की तैयारी की है, जो खराबी होते ही सीधे अधिकारियों तक संदेश पहुंचाएगा।
सूत्रों के अनुसार, सड़क परिवहन मंत्रालय ने राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआइ) को निर्देश दिया है कि सभी हाईवे पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) आधारित मॉनिटरिंग सिस्टम लगाया जाए। इस सिस्टम के तहत प्रत्येक स्ट्रीट लाइट पर विशेष सेंसर लगाए जाएंगे। जैसे ही कोई लाइट खराब होगी या बंद पड़ेगी, सेंसर तुरंत रियल टाइम रिपोर्ट तैयार कर टोल मैनेजर और परियोजना निदेशक के मोबाइल पर भेज देगा।
मंत्रालय का मानना है कि इस तकनीक से हाईवे पर हादसों में कमी आएगी। अब तक होता यह था कि लाइट खराब होने की जानकारी कई दिनों बाद मिलती थी और मरम्मत में देर हो जाती थी। लेकिन नए सिस्टम के साथ यह समस्या खत्म होगी। एनएचएआइ (AI Highway Monitoring) ने परियोजना निदेशकों को 10 लाख रुपये तक की स्वीकृति का अधिकार भी दे दिया है, ताकि छोटी मरम्मत और खरीदारी के लिए लंबी टेंडर प्रक्रिया का इंतजार न करना पड़े।
योजना में बैकअप पैनल की व्यवस्था भी शामिल है। प्रत्येक लाइट के साथ छह से आठ घंटे तक का बैटरी बैकअप रहेगा। यानी अगर अचानक बिजली कट भी गई तो हाईवे पर अंधेरा नहीं होगा। अधिकारियों का कहना है कि यह कदम ड्राइवरों की सुरक्षा और यात्रियों के भरोसे दोनों को मजबूत करेगा।
कानपुर समेत देश के अन्य हिस्सों में पहले भी शिकायतें मिलती रही हैं कि कई हाईवे और ओवरब्रिज की लाइटें लंबे समय तक बंद रहती हैं। खासकर बरसात या बिजली की अधिक खपत वाले समय में यह समस्या बढ़ जाती थी। लेकिन अब एआई सेंसर वाली व्यवस्था सीधे कंट्रोल रूम से जुड़ी होगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तकनीक से भारत के राजमार्गों (AI Highway Monitoring) पर सड़क सुरक्षा के नए मानक स्थापित होंगे। रियल टाइम मॉनिटरिंग के साथ मरम्मत की गति तेज होगी और सफर करने वालों को बेहतर अनुभव मिलेगा। सरकार का लक्ष्य है कि आने वाले महीनों में सभी प्रमुख राष्ट्रीय राजमार्गों और ओवरब्रिज पर यह व्यवस्था लागू कर दी जाए। इसके बाद भारत उन चुनिंदा देशों में शामिल हो जाएगा जहां सड़क रोशनी की निगरानी पूरी तरह आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से होती है।






