सीजी भास्कर, 20 सितंबर। सूचना का अधिकार (RTI application) आम नागरिकों के लिए पारदर्शिता और जवाबदेही का सशक्त औजार माना जाता है। सरायपाली के पतेरापाली निवासी पुरुषोत्तम प्रधान ने पारदर्शिता और भौतिक सत्यापन के उद्देश्य से विभिन्न विभागों में आरटीआई आवेदन लगाए थे। इसी दौरान भ्रष्टाचार से जुड़े कुछ मामलों की आंच उन लोगों तक पहुंची, जिनका नाम इन आवेदनों से जुड़ा हुआ है।
पुरुषोत्तम प्रधान का आरोप है कि जैसे ही इन लोगों को शक हुआ कि गड़बड़ियां उजागर हो सकती हैं, उन्होंने रणनीति (RTI Application) बनाना शुरू कर दिया। आरोप है कि षड्यंत्रकारियों ने न केवल भ्रष्टाचार के मुद्दे से ध्यान भटकाने का प्रयास किया बल्कि इसे सामाजिक रंग देने की भी कोशिश की।
फोन पर दी धमकी
प्रधान का कहना है कि आवेदन पत्र में नामजद एक व्यक्ति लगातार फोन कर परेशान करने लगा। जब उन्होंने कॉल रिसीव किया तो सामने से कहा गया – “सूचना का अधिकार आवेदन क्यों लगाते हो, मिलना पड़ेगा, नहीं मिले तो आगे जो होगा उसके जिम्मेदार तुम होगे।” इस धमकी से वह और उनका परिवार भयभीत हो गया। (phone threat, Saraypali news)
प्रधान ने बताया कि पूरी बातचीत की कॉल रिकॉर्डिंग (RTI Application) उनके पास सुरक्षित है, जिसे उन्होंने पेनड्राइव में सेव कर थाने में लिखित शिकायत के साथ प्रस्तुत किया है।
प्रधान का पक्ष
हमारे द्वारा पक्ष जानने पर पुरुषोत्तम प्रधान ने कहा – “मेरे द्वारा लगाए गए आरटीआई आवेदनों से अनेक खामियां सामने आ रही हैं। इन्हीं दस्तावेज़ों के आधार पर मैं उच्चस्तरीय शिकायत करने वाला हूं। इसीलिए कुछ लोग इसे सामाजिक मुद्दा बनाकर असली मामले से ध्यान भटकाना चाहते हैं। यह प्रशासनिक मामला है, सामाजिक नहीं। यदि मेरे खिलाफ (RTI Application) किसी के पास साक्ष्य हैं तो उन्हें सामने रखना चाहिए।”





