सीजी भास्कर, 22 सितंबर। राजस्थान के आबकारी विभाग से जुड़ी वित्तीय जाँच में चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। हालिया ऑडिट रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि विभाग ने शराब कारोबार (Excise Department) से जुड़ी वसूली में नियमों का सख्ती से पालन नहीं किया। इसके चलते अलग-अलग मदों में मिलाकर करीब 137.44 करोड़ की राशि सरकारी खजाने तक नहीं पहुँच पाई।
कहाँ हुई सबसे बड़ी चूक
रिपोर्ट के मुताबिक, राज्य में देसी शराब और आरएमएल (RML) शराब की मासिक गारंटी कोटा समय पर पूरा नहीं किया गया। इससे विभाग को लगभग 23.88 करोड़ का नुकसान हुआ। वहीं एक्साइज ड्यूटी (Excise Department) और बेसिक लाइसेंस फीस की वसूली में कमी के चलते 24.65 करोड़ की राशि अटकी रही।
विदेशी शराब और बीयर पर भी असर
सबसे बड़ा अंतर विदेशी शराब और बीयर पर वसूली से जुड़ा है। रिपोर्ट बताती है कि इस श्रेणी में अतिरिक्त आबकारी (Excise Department) शुल्क समय पर नहीं वसूला गया, जिससे 72.88 करोड़ की हानि हुई। इसके अलावा, शॉर्ट-लिफ़्टेड मात्रा की वसूली ठीक से न होने से 15.25 करोड़ का घाटा सामने आया।
रेस्तरां बार लाइसेंस में भी गड़बड़ी
सिर्फ ठेकेदार ही नहीं, बल्कि रेस्तरां बार लाइसेंस धारकों से भी फीस कम वसूली गई। इस मद में करीब 77.50 लाख की कमी दर्ज की गई है।
सरकार के लिए बड़ा अलर्ट
ऑडिट रिपोर्ट साफ़ संकेत देती है कि वसूली व्यवस्था में खामियाँ गहरी हैं। अगर सुधार नहीं किए गए तो हर साल राज्य को भारी राजस्व नुकसान झेलना पड़ सकता है। रिपोर्ट ने सिफारिश की है कि विभाग को नीतियों और नियमों का कड़ाई से पालन करना चाहिए और कंप्यूटरीकृत रिकॉर्डिंग सिस्टम को मज़बूत करना ज़रूरी है।


