सीजी भास्कर, 26 सितंबर। निवेश के नाम पर प्रार्थी व उसके साथियों से 49 लाख 50 हजार रुपये की धोखाधड़ी (Fraud Investment Scam Bhilai) के मामले में नेवई पुलिस ने ओडिसा के संबलपुर जिला अंतर्गत कुलुतकानी चारभाटी निवासी आरोपित प्रकाश चंद पाढ़ी (38) को गिरफ्तार कर लिया है। उक्त मामले में पुलिस ने ओडिसा के संबलपुर निवासी एमसीएक्स कंपनी के डायरेक्टर संतोष आचार्य को भी आरोपित बनाया है। संतोष आचार्य धोखाधड़ी के मामले में सर्किल जेल संबलपुर में निरुद्ध है जिसकी गिरफ्तारी के लिए जेएमएफसी न्यायालय दुर्ग द्वारा प्रोडक्शन वारंट जारी किया गया है।
ठगी का यह मामला दुर्ग भिलाई (Fraud Investment Scam Bhilai) में वर्ष 2024 से 2025 के बीच का है। आशीष नगर पूर्व रिसाली निवासी प्रार्थी योगेश कुमार साहू ने 27 अप्रैल 2025 को नेवई थाना में आवेदन प्रस्तुत किया था। जिसमें पुलिस को बताया कि 14 दिसंबर 2022 से 30 दिसंबर 2024 के मध्य संतोष आचार्य एमसीएक्स कंपनी का डायरेक्टर व प्रार्थी का दोस्त प्रकाश चंद पाढ़ी के द्वारा एमसीएक्स कंपनी में एक साल तक निवेश करने पर प्रतिमाह तीन से सात प्रतिशत लाभांश और निवेश राशि के एवज में बांड पेपर दिया जाता है।
यदि कंपनी 60 दिवस तक लाभांश नहीं देती तो बांड पेपर के माध्यम से निवेश राशि वापस करती है। इस झांसे में आकर प्रार्थी योगेश कुमार, उसकी पत्नी तथा दोस्त सुखनंदन साहू व गिरिश चन्द्राकर ने अलग-अलग कुल 49 लाख 50 हजार रुपये (Fraud Investment Scam Bhilai) निवेश कर दिया। रकम वापस नहीं मिलने पर ठगी का अहसास होते ही प्रार्थी पुलिस के पास पहुंचा।
नेवई पुलिस ने आरोपित संतोष कुमार आचार्य एवं प्रकाश चंद पाढ़ी के खिलाफ धोखाधड़ी (Fraud Investment Scam Bhilai) का मामला दर्ज किया। नेवई पुलिस ने गुरुवार को आरोपित प्रकाश चंद पाढ़ी को गिरफ्तार कर लिया। धोखाधड़ी के मामले में संबलपुर जेल में निरुद्ध एमसीएक्स कंपनी के डायरेक्टर व मुख्य आरोपित संतोष कुमार आचार्य को भी जल्द ही दुर्ग लाया जाएगा। पुलिस ने बताया कि आरोपित प्रकाशचंद पाढ़ी द्वारा आरोपित संतोष कुमार आचार्य के साथ उसकी फर्जी एमसीएक्स कंपनी का प्रचार-प्रसार कर स्वयं के खाते में तथा बाद में कहकर अन्य लोगों का पैसा (Investment Fraud Case Odisha) आरोपित संतोष आचार्य के खाते में जमा कराया गया।
पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपितों ने जुलाई-अगस्त 2024 से पैसा देना पूरी तरह बंद कर दिया। प्रार्थी और उसके साथियों द्वारा रकम वापस मांगने पर आरोपितों ने बांड पेपर को ही फर्जी बता दिया और इस तरह पूरा मामला (Investment Scam Arrest News) उजागर हो गया।





