सीजी भास्कर, 01 अक्टूबर। नवरात्रि के शुभ अवसर पर मध्य प्रदेश की सरकार ने मंगलवार देर रात एक बड़ा प्रशासनिक (Women IAS Posting in Madhya Pradesh) बदलाव करते हुए 24 आईएएस अधिकारियों का तबादला कर दिया। इस फेरबदल में खास बात यह रही कि 17 जिलों की कमान अब महिला अधिकारियों के हाथों में होगी। राज्य के कुल 55 जिलों में से एक-तिहाई जिलों का नेतृत्व महिलाएं कर रही हैं, जो प्रशासनिक दृष्टि से ऐतिहासिक माना जा रहा है।
इस बार पन्ना, नरसिंहपुर, अलीराजपुर, सिवनी, आलीराजपुर, निवाड़ी, डिंडोरी और रतलाम जैसे जिलों में महिला अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी गई है। वहीं, डिंडौरी की कलेक्टर अंजू पवन भदौरिया और सिवनी की कलेक्टर संस्कृति जैन को राजधानी भोपाल नगर निगम (Women IAS Posting in Madhya Pradesh) में आयुक्त बनाया गया है। मंत्रालय के सूत्रों का कहना है कि एक साथ इतनी बड़ी संख्या में महिलाओं को जिला नेतृत्व की जिम्मेदारी देना अब तक का सबसे बड़ा कदम है।
महिला कलेक्टरों की नई तैनाती
उषा परमार – पन्ना
रजनी सिंह – नरसिंहपुर
नीतू माथुर – अलीराजपुर
अंजू पवन भदौरिया – डिंडौरी
जमुना भिड़े – निवाड़ी
मिशा सिंह – रतलाम
शीतला पटले – सिवनी
इसके अलावा, नर्मदापुरम में सोनिया मीना, रीवा में प्रतिभा पाल, ग्वालियर में रूचिका चौहान, मंदसौर में अदिति गर्ग, आगर मालवा में प्रीति यादव, शाजापुर में ऋजु बाफना, बड़वानी में जयति सिंह, खरगोन में भव्या मित्तल और झाबुआ में नेहा मीना पहले से ही जिला कलेक्टर (Women IAS Posting in Madhya Pradesh) की जिम्मेदारी निभा रही हैं।
विवाद के बाद भिंड कलेक्टर का तबादला
इस प्रशासनिक बदलाव में भिंड कलेक्टर संजीव श्रीवास्तव को हटाकर लोक निर्माण विभाग में अपर सचिव बनाया गया है। उनका तबादला भाजपा विधायक नरेंद्र सिंह कुशवाहा से विवाद के बाद हुआ। बताया जाता है कि किसानों को खाद उपलब्ध न होने और रेत खनन से जुड़े मुद्दों को लेकर दोनों आमने-सामने आ गए थे। विवाद इतना बढ़ा कि बैठक के दौरान अधिकारी और विधायक में हाथापाई की स्थिति तक बन गई। मामला राजधानी तक पहुंचा और आखिरकार सरकार ने श्रीवास्तव को हटा दिया।
महिलाओं की बढ़ती भूमिका
इस फेरबदल ने एक नई मिसाल कायम की है। अब प्रदेश में 17 महिलाएं बतौर जिलाधिकारी अपनी प्रशासनिक भूमिका निभा रही हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम न केवल महिला नेतृत्व को सशक्त करेगा बल्कि जिलों में प्रशासनिक पारदर्शिता और जवाबदेही को भी मजबूत करेगा।


