India US Tariff Strategy: अमेरिका के टैरिफ के बीच भारत की तैयारी
नई दिल्ली: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शुक्रवार को कौटिल्य आर्थिक सम्मेलन-2025 में कहा कि India US Tariff Strategy के तहत भारत अब मूकदर्शक नहीं रह सकता। उन्होंने बताया कि अमेरिका द्वारा टैरिफ बढ़ाने और बैन जैसी कार्रवाइयों के चलते ग्लोबल सप्लाई चेन में बदलाव आ रहे हैं, और भारत इन पर सक्रिय रणनीति अपनाएगा।
Indian Economy Resilient: वित्त मंत्री का विश्वास
निर्मला सीतारमण ने कहा कि भारत की अर्थव्यवस्था इस तरह के आर्थिक झटकों को झेलने में सक्षम है। उन्होंने जोर देकर कहा कि टैरिफ और बैन के बावजूद भारत ने अपनी मजबूती और आर्थिक क्षमता दिखाई है। उनका कहना था, “हमारा उद्देश्य केवल सामना करना नहीं, बल्कि वैश्विक निर्णयों को आकार देने में प्रभावी भूमिका निभाना है।”
Trade Practices बदल रहे हैं
वित्त मंत्री ने कहा कि वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव और आर्थिक बदलाव देशों के व्यापार करने के तरीकों को बदल रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत अब अपनी India US Tariff Strategy के तहत सक्रिय रूप से वैश्विक सहयोग और व्यापार में अवसर तलाशेगा।
India US Tariff Strategy : सबसे बड़ी चुनौती: समावेशी सिद्धांत
निर्मला सीतारमण ने कहा कि भारत की सबसे बड़ी चुनौती यह सुनिश्चित करना है कि समावेशी सिद्धांत सहयोग को आकार दें। उन्होंने बताया कि इतिहास यह सिखाता है कि संकट के समय नवाचार और नए सहयोगी अवसर पैदा होते हैं।
उभरती अर्थव्यवस्थाओं के लिए अपील
वित्त मंत्री ने उभरती अर्थव्यवस्थाओं से अपील की कि वे वैश्विक निर्णयों में सक्रिय भूमिका निभाएं। उन्होंने कहा, “हमें केवल परिणाम स्वीकार नहीं करने हैं, बल्कि उन्हें आकार देने का प्रयास करना होगा। जहां जरूरी हो, स्वायत्तता बनाए रखनी होगी।”


