सीजी भास्कर, 4 सितंबर। अगर आप अक्सर नेशनल हाईवे पर सफर करते हैं और कई बार FASTag फेल होने की वजह से डबल टोल चुकाना पड़ा है, तो अब राहत की खबर है। केंद्र सरकार ने टोल कलेक्शन नियमों में बड़ा बदलाव किया है। 15 नवंबर 2025 से लागू होने वाले इस नए नियम के बाद अब बिना FASTag या अमान्य टैग होने पर भी आपको डबल चार्ज नहीं देना होगा, बशर्ते आप पेमेंट कैश की बजाय UPI से करें। (FASTag New Rule)
क्या है नया नियम?
केंद्र सरकार ने नेशनल हाईवे फीस (डिटरमिनेशन ऑफ़ रेट्स एंड कलेक्शन) रूल्स, 2008 में संशोधन किया है। इसके तहत –
अगर वाहन मान्य FASTag के बिना टोल प्लाजा पर पहुंचता है और कैश से पेमेंट करता है, तो डबल टोल वसूला जाएगा।
लेकिन, अगर वही वाहन चालक UPI से पेमेंट करता है तो उससे केवल 1.25 गुना टोल ही लिया जाएगा।
उदाहरण से समझिए
मान लीजिए किसी गाड़ी का सामान्य टोल ₹100 है
FASTag से भुगतान 100
कैश से भुगतान 200 (डबल चार्ज)
UPI से भुगतान 125
यानी, अब UPI यूजर्स को कैश की तुलना में बड़ी राहत मिलेगी और डबल टोल से बचा जा सकेगा। (FASTag New Rule)
क्यों किया गया बदलाव?
सरकार का कहना है कि इस नियम का मकसद टोल कलेक्शन सिस्टम को और पारदर्शी बनाना, डिजिटल पेमेंट को बढ़ावा देना और टोल प्लाज़ा पर लगने वाली भीड़ को कम करना है। सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने बयान में कहा कि संशोधित नियम डिजिटल ट्रांजैक्शन को प्रोत्साहित करेंगे, पारदर्शिता लाएंगे और यात्रियों के अनुभव को बेहतर बनाएंगे।
यात्रियों को क्या फायदा मिलेगा?
जिनका FASTag स्कैन नहीं हो पाता या टैग एक्सपायर हो चुका है, उन्हें अब मजबूरी में डबल टोल नहीं देना होगा।
UPI से भुगतान करने पर कैश की तुलना में कम चार्ज लगेगा।
डिजिटल पेमेंट से टोल प्लाज़ा पर लाइनें कम होंगी और सफर सुगम होगा।


