Student Suicide Case (छात्र आत्महत्या मामला) ने पूरे क्षेत्र को झकझोर दिया है। किरठल गांव के रहने वाले 12वीं कक्षा के छात्र सन्नी चौहान ने मंगलवार को फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। सबसे दर्दनाक यह रहा कि फंदे पर लटकने से पहले उसने अपने परिवार को मोबाइल पर एक मैसेज भेजा— “गुड बाय।”
मुकदमे से बढ़ा था तनाव
करीब 20 दिन पहले सन्नी चौहान पर एक केस दर्ज हुआ था। परिवार का कहना है कि इस मुकदमे ने उसे मानसिक रूप से तोड़ दिया। परिजनों के अनुसार, वह अक्सर गुमसुम रहता और कहता कि झूठे मुकदमे में उसका नाम घसीटा गया है। (Student Suicide Case)
रात में उठाया खौफनाक कदम
परिजनों ने बताया कि सोमवार देर रात वह अपने कमरे में गया और दरवाजा बंद कर लिया। सुबह करीब चार बजे जब घरवाले उठे तो देखा कि वह फंदे पर लटका हुआ था। परिवार के लिए यह नजारा किसी सदमे से कम नहीं था।
पुलिस कार्रवाई पर विरोध
सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। हालांकि, ग्रामीणों और परिजनों ने शुरू में पुलिस कार्रवाई का विरोध जताया। हालात इतने तनावपूर्ण हो गए कि पुलिस को भीड़ को शांत कराने में काफी मशक्कत करनी पड़ी। (Student Suicide Case)
गांव में गुस्सा और शोक
गांव में घटना के बाद गहरी शोक लहर फैल गई है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि यह जांच की जाए कि आखिर किन हालातों ने छात्र को ऐसा कदम उठाने पर मजबूर किया। वहीं पीड़ित पिता धर्मेंद्र चौहान ने कहा कि उनका बेटा बहुत सीधा और अच्छा लड़का था, लेकिन झूठे मुकदमे ने उसे अवसाद में धकेल दिया।
पुलिस ने शुरू की जांच
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की गहन जांच की जा रही है। हर पहलू से पड़ताल होगी और परिजनों के बयान भी दर्ज किए जा रहे हैं। सीओ बड़ौत विजय कुमार ने घटनास्थल पर पहुंचकर जांच की और कहा कि मामले में निष्पक्ष कार्रवाई की जाएगी।


