सीजी भास्कर, 7 अक्टूबर। हरियाणा कैडर के 2001 बैच के आईपीएस (IPS Suicide) अधिकारी वाई पूरन कुमार (Haryana IPS) ने सोमवार सुबह चंडीगढ़ के सेक्टर-11 स्थित अपने सरकारी आवास में आत्महत्या कर ली। पुलिस के मुताबिक उन्होंने अपनी सर्विस रिवॉल्वर (service revolver) से खुद को गोली मारी।
यह घटना इतनी शांतिपूर्वक हुई कि घर में किसी को इसकी भनक तक नहीं लगी। अधिकारी (IPS Suicide) की बेटी को बेसमेंट में उनका शव मिला, जहां पास में ही रिवॉल्वर भी पड़ी थी। चंडीगढ़ पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी घटनास्थल पर पहुंचे और हर पहलू से जांच की जा रही है।
बेसमेंट बना मौत का गवाह
सूत्रों के अनुसार, जिस बेसमेंट में यह घटना हुई, वह पूरी तरह साउंडप्रूफ है, इसलिए गोली चलने की आवाज ऊपर तक नहीं पहुंची। देर तक पिता के न आने पर बेटी नीचे गई तो उसने यह मंजर देखा – पिता जमीन पर गिरे हुए थे और बगल में सर्विस रिवॉल्वर रखी थी।
(Chandigarh Police) टीम ने फौरन स्थल को सील कर फोरेंसिक जांच शुरू कर दी है।
IAS पत्नी इस समय जापान दौरे पर
वाई पूरन कुमार की पत्नी पी. अमनीत कुमार (IAS Amneet Kumar) हरियाणा कैडर की वरिष्ठ आईएएस (IPS Suicide) अधिकारी हैं। वे इस समय मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के साथ जापान के दौरे पर हैं। जानकारी के मुताबिक पूरा प्रतिनिधिमंडल (IPS Suicide) आठ अक्टूबर की रात दिल्ली लौटने वाला है। खबर मिलते ही प्रशासनिक हलकों में शोक की लहर दौड़ गई। गृह मंत्रालय ने इस मामले की रिपोर्ट मांगी है।
लंबे समय से विवादों में रहे अधिकारी
वाई पूरन कुमार (IPS Officer Haryana) अपने सीधे स्वभाव और खुलकर बोलने के लिए जाने जाते थे। उन्होंने कई बार हरियाणा पुलिस के शीर्ष अधिकारियों और पूर्व मुख्य सचिवों के खिलाफ मोर्चा खोला था। 2022 में उन्होंने तत्कालीन गृह सचिव राजीव अरोड़ा पर भेदभाव का आरोप लगाया था, जबकि 2023 में उन्होंने निर्वाचन आयोग को एक शिकायत भेजी थी जिसमें कहा गया था कि जातिगत आधार पर अधिकारियों के तबादले किए जा रहे हैं। उनकी शिकायतों के चलते विभाग में कई बार असहज स्थिति बन गई थी।
पीटीसी सुनारिया में IG के पद पर तैनाती
अभी हाल ही में उन्हें PTC Sunaria (Rohtak) में आईजी के पद पर तैनात किया गया था। इससे पहले वे आईजी रोहतक के पद पर रहे, लेकिन वहां भी उनकी पोस्टिंग ज्यादा दिन नहीं चल सकी। सहकर्मियों के अनुसार, वाई पूरन कुमार को हाल के महीनों में लगातार मानसिक दबाव झेलना पड़ रहा था, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
अंतिम समय तक ड्यूटी पर सक्रिय रहे
जांच से जुड़े एक अधिकारी ने बताया कि रविवार शाम तक वे अपने दफ्तर में सक्रिय थे। उन्होंने कुछ जरूरी नोट्स और मेल भी छोड़े हैं, जिनकी जांच की जा रही है। पुलिस ने कहा है कि “किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले सभी पहलुओं की जांच की जाएगी।”
प्रशासनिक हलकों में स्तब्धता
हरियाणा सरकार के कई वरिष्ठ अधिकारी और पूर्व सहयोगी उनके आवास पहुंचे। एक अधिकारी ने कहा, “पूरन कुमार साफ-सुथरी छवि के अधिकारी थे, जिन्होंने हमेशा सिस्टम में पारदर्शिता की बात की।” उनकी अचानक मौत ने पूरे पुलिस महकमे को झकझोर दिया है।





