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PLFI Naxal Threat : प्रतिबंधित नक्सली संगठन पीएलएफआई के नाम से पूर्व उप सरपंच को धमकी, पुलिस जांच में जुटी

By Newsdesk Admin
15/10/2025
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PLFI Naxal Threat
PLFI Naxal Threat

सीजी भास्कर, 15 अक्टूबर। प्रतिबंधित नक्सली संगठन पीपुल्स लिबरेशन फ्रंट ऑफ इंडिया (PLFI) के नाम से पूर्व उप सरपंच सल्लू राजवाड़े को धमकी (PLFI Naxal Threat) भरा पर्चा मिलने से क्षेत्र में सनसनी फैल गई है। नक्सली पर्चे में सल्लू राजवाड़े पर नक्सली गतिविधियों में बाधा डालने का आरोप लगाते हुए फौजी कार्रवाई की धमकी दी गई है। हालांकि पुलिस का कहना है कि इस कथित पर्चे की सत्यता की जांच की जा रही है। मामला जशपुर जिले के बगीचा थाना क्षेत्र के सुलेसा गांव का है।

दीवार पर चिपका मिला पर्चा, परिवार सहमा

जानकारी के अनुसार, बुधवार सुबह (PLFI Naxal Threat) जब सल्लू राजवाड़े उठे, तो उन्होंने अपने घर के दरवाज़े के पास दीवार पर लाल स्याही से लिखा पर्चा देखा। पर्चा पढ़ते ही परिवार के लोग सहम गए और उन्होंने तत्काल बगीचा पुलिस को सूचना दी। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे और पर्चे को जब्त कर जांच के लिए भेजा गया।

एसएसपी शशि मोहन सिंह ने बताया कि जिले में वर्तमान में नक्सली मूवमेंट की कोई सक्रिय सूचना नहीं है। उन्होंने कहा कि यह पर्चा किसी रंजिश या व्यक्तिगत दुश्मनी के चलते भी लिखा गया हो सकता है। फिलहाल पुलिस सभी पहलुओं से मामले की जांच कर रही है।

जशपुर, सरगुजा और झारखंड में सक्रिय रहा था PLFI

पीएलएफआई (PLFI) संगठन की स्थापना 2003 में झारखंड के खूंटी जिले में दिनेश गोप ने “झारखंड लिबरेशन टाइगर” नाम से की थी, जिसे 2007 में बदलकर पीएलएफआई किया गया। संगठन का सबसे कुख्यात नक्सली मंगल नगेसिया था, जिसने बाद में “जनहित क्रांति” नाम से अलग गुट बना लिया था। 2014 में दोनों संगठनों के बीच हुई मुठभेड़ में मंगल नगेसिया मारा गया था। इसके बाद कमान बुधेश्वर भगत के हाथ में आई, जो बाद में पुलिस मुठभेड़ में मारा गया। दोनों नेताओं की मौत के बाद पीएलएफआई का प्रभाव लगभग समाप्त हो गया था, और झारखंड व छत्तीसगढ़ में इसकी गतिविधियां बेहद सीमित रह गईं।

जशपुर 2018 में हुआ था नक्सलमुक्त घोषित

राज्य सरकार ने वर्ष 2018 में विधानसभा चुनाव से पहले जशपुर जिले को नक्सलमुक्त घोषित कर दिया था। इसके बाद यहां से तैनात सीआरपीएफ बटालियन को भी हटा लिया गया था।

पिछले सात वर्षों में जिले में नक्सली गतिविधियों की कोई रिपोर्ट नहीं आई, हालांकि झारखंड के गुमला और सिमडेगा जिले में नक्सली घटनाएं समय-समय पर सुर्खियों में रहीं। सुलेसा क्षेत्र, जो जशपुर और सरगुजा की सीमा से सटा है, संवेदनशील इलाकों में गिना जाता है।

पूर्व मंत्री गणेश राम भगत पहुंचे पीड़ित परिवार से मिलने

घटना (PLFI Naxal Threat) की जानकारी मिलने के बाद पूर्व मंत्री एवं जनजातीय सुरक्षा मंच के संरक्षक गणेश राम भगत अपने समर्थकों के साथ सुलेसा पहुंचे। उन्होंने सल्लू राजवाड़े और उनके परिवार से मुलाकात कर उन्हें सांत्वना दी और प्रशासन से सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग की।

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