सीजी भास्कर, 24 अक्टूबर। कांग्रेस संगठन में बड़े बदलाव की तैयारी चल रही है। प्रदेश के 27 जिला अध्यक्षों (Congress District Presidents) के चेहरे बदलना तय माना जा रहा है, जबकि शेष 14 की संभावना कम है। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआइसीसी) के जिला पर्यवेक्षकों (district observer review) ने संभावित नामों की सूची केंद्रीय नेतृत्व को सौंप दी है।
पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव केसी वेणुगोपाल की प्रदेश प्रभारी सचिन पायलट की मौजूदगी में प्रदेशाध्यक्ष दीपक बैज, नेता प्रतिपक्ष डा. चरण दास महंत, पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और पूर्व उपमुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव से वन टू वन चर्चा भी पूरी हो गई है। एआइसीसी नेताओं ने वरिष्ठ नेताओं से फीडबैक लिया कि किन जिलों में नये चेहरे (new leaders) लाए जाएं और किन जिलाध्यक्षों को दोबारा मौका दिया जा सकता है। इस बार संगठन में युवाओं और महिलाओं (Youth and Women priority) को प्राथमिकता देने की तैयारी है। बिहार विधानसभा चुनाव से पहले जिला अध्यक्षों की सूची जारी हो सकती है।
रायपुर शहर और ग्रामीण अध्यक्ष को लेकर सभी की नजरें टिकी हुई हैं। बताया जाता है कि शीर्ष नेतृत्व ने मार्च में बालाेद, दुर्ग ग्रामीण, नारायपणुर, कोंडागांव, कोरबा शहर व ग्रामीण, बलौदाबाजार, सारंगढ़-बिलाईगढ़, सरगुजा, बलरामपुर, बेमेतरा में जिला अध्यक्ष नियुक्त किए थे। नगरीय निकाय चुनाव से पहले मुंगेली, बस्तर ग्रामीण और रायगढ़ ग्रामीण में नये जिला अध्यक्षों की नियुक्ति हुई थी। हालांकि, इन जिलों में अध्यक्षों के कार्यों और सक्रियता (organizational performance) की समीक्षा करके रिपोर्ट पर्यवेक्षकों ने एआइसीसी को सौंपा है।
छह-छह माह की नियुक्ति की चर्चा
संगठन में छह-छह माह के जिला अध्यक्षों (term tenure) के नियुक्ति की चर्चा है। हालांकि, नेता प्रतिपक्ष डा. चरण दास महंत ने इससे साफ इन्कार किया है। पदाधिकारियों का कहना है कि जिला अध्यक्षों का कार्यकाल तीन-तीन वर्ष का होता है। सूत्रों का कहना है कि नये जिला अध्यक्षों की नियुक्ति के छह माह बाद कामकाज का मूल्यांकन किया जाएगा। इसमें संगठनात्मक प्रदर्शन, जनसंपर्क (public outreach), सदस्यता अभियान और स्थानीय मुद्दों पर सक्रियता को आधार बनाया जाएगा।
इस पर खरे नहीं उतरने वाले जिला अध्यक्षों को बदला जा सकेगा। एआइसीसी के जिला पर्यवेक्षक ने सभी संभावित उम्मीदवारों की रिपोर्ट केंद्रीय नेतृत्व को सौंप दी है। वरिष्ठ नेताओं ने चर्चा में यह भी सुझाव दिया कि संगठन में युवाओं और महिलाओं (Youth and Women priority) को अधिक अवसर मिलें। पार्टी सूत्रों के अनुसार, अगले चुनावों की तैयारियों (pre-election strategy) को देखते हुए जिला अध्यक्षों की नियुक्ति को अंतिम रूप दिया जाएगा।


