सीजी भास्कर, 26 अक्टूबर। राज्योत्सव से ठीक पहले राजधानी रायपुर में बड़ा विवाद भड़क गया, जब वीआईपी चौक स्थित छत्तीसगढ़ महतारी की मूर्ति (Chhattisgarh Mahatari Statue Raipur) को अज्ञात असामाजिक तत्वों ने देर रात खंडित कर दिया। रविवार सुबह मूर्ति का सिर टूटा देखकर लोगों में गुस्सा फूट पड़ा। देखते ही देखते सैकड़ों लोग मौके पर इकट्ठा हो गए।
क्रांति सेना और जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी का प्रदर्शन
घटना की खबर मिलते ही छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना और जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी के कार्यकर्ता मौके पर पहुंच गए और जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने इसे छत्तीसगढ़ की अस्मिता और संस्कृति पर हमला बताया। स्थिति तनावपूर्ण हो गई जब कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच झड़प (Chhattisgarh Mahatari Statue Raipur) हो गई। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को हटाने के लिए अतिरिक्त बल बुलाया और कई कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया। इनमें जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी के प्रमुख अमित बघेल भी शामिल थे, जिन्हें बाद में रिहा कर दिया गया। इस दौरान एक युवक मूर्ति के पास रोते हुए नजर आया, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया।
पुलिस पर संवेदनहीनता का आरोप
प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि पुलिस इस घटना को हल्के में ले रही है और इसे किसी मानसिक रूप से अस्वस्थ व्यक्ति की हरकत बताकर मामले को दबाने की कोशिश कर रही है। अमित बघेल ने कहा “यह हमारी मातृभूमि का अपमान है। जब तक दोषी गिरफ्तार नहीं होगा, आंदोलन जारी रहेगा।”
मुख्यमंत्री बोले, दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने घटना की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि जिसने भी यह घृणित कृत्य किया है, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ महतारी (Chhattisgarh Mahatari Statue Raipur) प्रदेश की अस्मिता का प्रतीक है और इसके अपमान को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
कांग्रेस का सरकार पर तीखा हमला
कांग्रेस पार्टी ने इस घटना पर सरकार को घेरते हुए बयान जारी किया। पार्टी ने कहा कि यह घटना छत्तीसगढ़ की संस्कृति, परंपरा और मातृभूमि की पहचान पर सीधा प्रहार है। कांग्रेस ने मांग की कि दोषियों की तत्काल गिरफ्तारी की जाए और उसी स्थान पर नई मूर्ति स्थापित की जाए। कांग्रेस प्रवक्ता ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार में लगातार छत्तीसगढ़ की अस्मिता और तीज-त्योहारों को कमजोर करने की कोशिश की जा रही है।
एफआईआर दर्ज, पुलिस ने की सीसीटीवी जांच शुरू
तेलीबांधा थाना पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 298 के तहत अपराध दर्ज किया है। यह धारा किसी धार्मिक या सांस्कृतिक प्रतीक को नुकसान पहुंचाने पर लागू होती है। एडिशनल एसपी ग्रामीण कीर्तन राठौर और सिविल लाइन सीएसपी रमाकांत साहू सहित वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे और हालात पर नजर रखी। पुलिस ने बताया कि सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा चुके हैं और आरोपी की पहचान हो चुकी है, जिसे जल्द गिरफ्तार किया जाएगा।
मूर्ति की स्थापना क्रांति सेना ने की थी
जानकारी के अनुसार, यह मूर्ति राम मंदिर तिराहा के पास छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना (Chhattisgarh Mahatari Statue Raipur) द्वारा स्थापित की गई थी। देर रात किसी अज्ञात व्यक्ति ने मूर्ति को दीवार से उखाड़ दिया, जिससे उसका सिर अलग हो गया। सुबह आसपास के लोगों ने यह देखकर पुलिस को सूचना दी। फिलहाल इलाके में भारी पुलिस बल तैनात है और माहौल तनावपूर्ण लेकिन नियंत्रण में बताया जा रहा है।




