सीजी भास्कर, 27 अक्टूबर। राज्योत्सव से ठीक पहले राजधानी रायपुर के श्री सत्य साईं संजीवनी अस्पताल (Statehood Day 2025) में इस बार माहौल बेहद खास होने जा रहा है। एक नवंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी यहां देश–विदेश से आए 2,500 बच्चों से मिलेंगे। वे बच्चे जिनका दिल का ऑपरेशन इसी अस्पताल में सफलतापूर्वक किया गया है। सुबह 10 से 10:35 बजे तक प्रधानमंत्री इन बच्चों से “दिल की बात” करेंगे। अस्पताल प्रबंधन के अनुसार, प्रधानमंत्री के कार्यक्रम से पहले 31 अक्टूबर को विशेष आयोजन किया जाएगा, जिसमें भारतीय क्रिकेट के दिग्गज सुनील गावस्कर मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। संभावना जताई जा रही है कि गावस्कर प्रधानमंत्री की बच्चों से मुलाकात के दौरान भी मौजूद रहेंगे।
13 देशों के प्रतिनिधित्व वाला आयोजन
अस्पताल के जनसंपर्क अधिकारी अजय सर्राफ ने बताया कि प्रधानमंत्री से मिलने वाले बच्चों में फिजी, श्रीलंका, बांग्लादेश, नेपाल, भूटान, अफगानिस्तान, नाइजीरिया जैसे देशों के बच्चे भी शामिल होंगे, जिनका यहां नि:शुल्क हृदय रोग उपचार हुआ है। बच्चों और उनके स्वजन के ठहरने और भोजन की व्यवस्था शहीद वीर नारायण सिंह क्रिकेट स्टेडियम और शहर के अन्य स्थलों पर की गई है। अजय सर्राफ ने बताया कि यह अस्पताल वर्ष 2012 से अब तक 37,500 से अधिक बच्चों के दिल की सफल सर्जरी कर चुका है, जिनमें 700 से ज्यादा सिकलसेल एनीमिया पीड़ित बच्चे भी शामिल हैं। यहां आने वाले 90 प्रतिशत बच्चे गरीब परिवारों से होते हैं।
‘दिल बिना बिल’, सेवा की मिसाल
श्री सत्य साईं संजीवनी अस्पताल देश का ऐसा केंद्र है, जहां बच्चों का हृदय रोग उपचार पूरी तरह नि:शुल्क (बिना बिल) किया जाता है। 100 बेड वाले इस अस्पताल में रोज़ाना 200 से अधिक बच्चों की जांच होती है, जिनमें 30–35 नए मरीज शामिल होते हैं। प्रतिदिन लगभग 10–12 सर्जरी कर बच्चों के दिल का छेद बंद किया जाता है। यहां जांच के लिए अत्याधुनिक सुविधाएं हैं, जिनमें “फीटल इकोकार्डियोग्राफी” विशेष तकनीक है। इसके जरिए गर्भ में पल रहे शिशु के हृदय की जांच की जाती है, और दिल की असामान्य धड़कन या संरचना में गड़बड़ी का तुरंत पता लगाया जा सकता है।
13वीं वर्षगांठ पर 28 से 30 अक्टूबर तक मेगा ईको कैंप
अस्पताल की स्थापना के 13 वर्ष पूरे होने पर 28 से 30 अक्टूबर तक “मेगा ईको कैंप” का आयोजन किया जाएगा। इसमें बच्चों की जांच और इलाज पूरी तरह निशुल्क किया जाएगा। अस्पताल में इस दौरान 70 से अधिक डॉक्टरों की टीम सेवाएं देगी। रायपुर के बाद इस अस्पताल ने अपनी सेवा का विस्तार करते हुए 2016 में पलवल (हरियाणा), 2018 में खारघर (मुंबई) और 2024 में कोंडापाका (तेलंगाना) में अपनी इकाइयां खोली हैं। इन केंद्रों में अब तक हजारों बच्चों को नि:शुल्क जीवनदान मिला है।


