सीजी भास्कर, 27 अक्टूबर। स्मार्ट मीटर (smart meter installation) लगने के बाद बिजली बिल को लेकर हाहाकार मच गया है। रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग, जगदलपुर, अंबिकापुर समेत अन्य जिलों से लगातार बिजली कंपनी तक शिकायतें पहुंच रही हैं। महीनेभर के भीतर 30 हजार से अधिक शिकायतें दर्ज की गई हैं। बढ़े हुए बिल से परेशान महिलाएं और ग्रामीण विरोध कर रहे हैं। लोगों का कहना है कि पहले उनका मासिक बिल 100 से 200 रुपये तक आता था, लेकिन अब 1,000 से 2,500 रुपये तक आ रहा है। स्मार्ट मीटर की रीडिंग गलत ली जा रही है और शिकायतों पर बिजली कंपनी के अधिकारी ध्यान नहीं दे रहे हैं। उपभोक्ताओं ने स्मार्ट मीटर हटाने और पुराने मीटर बहाल करने की मांग की है। वहीं कंपनी के अधिकारी बिल की जांच कर कार्रवाई करने का आश्वासन दे रहे हैं।
रायपुर और उससे लगे डूंडा, सेजबहार, दतरेंगा, काठाडीह, माना कैंप समेत कई ग्रामीण क्षेत्रों में उपभोक्ताओं का बिजली बिल अचानक कई गुना बढ़ गया है। उपभोक्ताओं ने बताया कि कुछ महीने पहले तक अधिकतम पांच सौ से सात सौ रुपये बिल आता था। जब से स्मार्ट मीटर लगा है, चार गुना बिल आ रहा है। जितनी बिजली खर्च नहीं होती, उससे कहीं ज्यादा बिल आने से सभी परेशान हैं (electricity billing error)। शिकायत करने पर कोई कार्रवाई नहीं हो रही है।
स्मार्ट मीटर हटाने की मांग ने पकड़ा जोर
अंबिकापुर, बिलासपुर, रायगढ़, राजनांदगांव, दुर्ग समेत अन्य शहरों से भी बढ़े हुए बिजली बिल की शिकायतें आ रही हैं। लोगों का कहना है कि पुराने मीटर ही ठीक थे। सरकार को स्मार्ट मीटर हटाकर राहत देना चाहिए। हालत यही रहे तो मध्यम वर्ग परिवारों के सामने रोजी-रोटी चलाना मुश्किल हो जाएगा। ग्रामीणों ने बिजली कंपनी पर मनमानी का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि शिकायतों पर सुनवाई के बजाय अधिकारी-कर्मचारी उपभोक्ताओं को ही दोषी ठहरा रहे हैं। तकनीकी खामियों जैसे सर्वर एरर और गलत रीडिंग के मामले भी सामने आ रहे हैं।
ऑनलाइन और फिजिकल बिल में बड़ा अंतर
बिजली बिल भेजने में भारी गड़बड़ी सामने आ रही है। रीडिंग लेने वाले कर्मचारियों द्वारा जहां फिजिकल बिल कम रुपए का दिया जा रहा है, वहीं ऑनलाइन एप में वही बिल कई गुना ज्यादा दिख रहा है। कई उपभोक्ताओं को अक्टूबर में 40-50 रुपये का फिजिकल बिल मिला, लेकिन एप में शून्य या अधिक राशि दिखाई दे रही है। भुगतान के बाद भी एप में बकाया राशि दर्ज हो रही है। ऐसे कई मामले रोज सामने आ रहे हैं।
मकान मालिकों ने बढ़ाया किराएदारों पर बोझ
हाफ बिजली योजना का दायरा सीमित होने से लोगों के बिल दोगुने से ज्यादा बढ़ गए हैं। इसका असर किराएदारों पर भी पड़ा है। मकान मालिक पहले पांच-छह रुपये प्रति यूनिट ले रहे थे, अब आठ से दस रुपये प्रति यूनिट वसूल रहे हैं। किराएदारों को अक्टूबर से बढ़ा हुआ रेट देने का अल्टीमेटम दिया गया है। 100 यूनिट से अधिक खपत पर पूरी दर से बिल वसूली जा रही है।






