सीजी भास्कर, 29 अक्टूबर। छत्तीसगढ़ से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां एक गर्भवती बायसन (Wildlife Crime) का शिकार कर उसकी निर्मम हत्या कर दी गई। शिकारीयों ने न केवल बायसन को बिजली के करंट से मार डाला, बल्कि उसका सिर, पैर और गर्भ से पूरी तरह विकसित भ्रूण भी निकाल लिया। इस घटना ने पूरे वन विभाग में हड़कंप मचा दिया है।
बिजली के जाल में फंसकर मौत
बलौदाबाजार वन प्रभाग के अर्जुनी वन क्षेत्र में वनकर्मियों को बायसन का क्षत-विक्षत शव मिला। जांच में पता चला कि शिकारीयों ने बिजली का जाल बिछाकर उसे मारा। जब बायसन पानी पीने के लिए उस इलाके में पहुंची, तो जाल में फंसते ही करंट लगने से उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
बायसन के शव की हालत देखकर अधिकारियों ने बताया कि शिकारियों ने उसका सिर और पैर काट दिए थे, जबकि उसके गर्भ से पूरी तरह विकसित भ्रूण भी निकाल लिया गया था। शव के आसपास संघर्ष के निशान मिले, जिससे अंदाजा लगाया जा रहा है कि बायसन ने आखिरी वक्त तक खुद को बचाने की कोशिश की थी।
वन्यजीव कार्यकर्ताओं में आक्रोश
रायपुर के वन्यजीव कार्यकर्ता नितिन सिंहवी ने इस घटना को “वन विभाग की घोर लापरवाही” बताया है। उन्होंने राज्य के वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव को पत्र लिखकर इस मामले में सख्त कार्रवाई और स्थायी समाधान की मांग की है। सिंहवी ने कहा कि प्रदेश में लगातार बढ़ रहे वन्यजीव शिकार के मामलों से यह स्पष्ट है कि फील्ड स्तर पर निगरानी कमजोर है। उन्होंने सुझाव दिया कि राज्य के वन्यजीव अभयारण्यों, राष्ट्रीय उद्यानों और बाघ अभयारण्यों में प्रशिक्षित स्निफर डॉग स्क्वॉड तैनात किए जाएं ताकि ऐसे अपराधों को रोका जा सके।
वन विभाग की जांच टीम मौके पर
घटना की जानकारी मिलने के बाद अर्जुनी रेंज के अधिकारी और वन अमला मौके पर पहुंचा। बायसन के अवशेष जब्त कर पंचनामा तैयार किया गया और पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया। प्रारंभिक जांच में यह मामला स्पष्ट रूप से “बिजली के जाल से शिकार” का प्रतीत हो रहा है।
वन मंडलाधिकारी ने बताया कि आसपास के गांवों में रहने वाले कुछ संदिग्धों से पूछताछ की जा रही है। वन अपराध प्रकरण दर्ज कर लिया गया है और शिकारियों की तलाश के लिए विशेष टीम गठित की गई है।
संकट में वन्यजीव सुरक्षा
छत्तीसगढ़ में बायसन, हिरण, जंगली सूअर और अन्य प्रजातियों के शिकार की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे मामलों पर अंकुश लगाने के लिए आधुनिक तकनीक और स्थानीय ग्रामीणों की भागीदारी जरूरी है। वन्यजीव विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि यदि (Wildlife Crime) जैसे अपराधों पर तत्काल कार्रवाई नहीं की गई, तो प्रदेश में वन्यजीव आबादी पर गंभीर असर पड़ सकता है।





