सीजी भास्कर, 30 अक्टूबर | कोरबा। छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले के कुदुरमाल गांव में उस समय अफरा-तफरी मच गई जब एक 6 फीट लंबा नाग (Snake Snake Rescue) अचानक बस्ती में निकल आया। लोग शाम के वक्त गली में बैठे थे, तभी नाग रेंगते हुए उनकी ओर बढ़ने लगा। ग्रामीणों की सूझबूझ से बड़ा हादसा टल गया। उन्होंने तुरंत एक बाल्टी डाल दी, जिसमें नाग खुद ही जाकर कुंडली मारकर बैठ गया। इसके बाद वाइल्डलाइफ रेस्क्यू टीम को सूचना दी गई।
ग्रामीणों की सूझबूझ से बची जानें
गांव के हरिशंकर पटेल ने समझदारी दिखाते हुए बाल्टी को नाग के ऊपर रख दिया और ढक्कन से बंद कर दिया। उनकी इस त्वरित कार्रवाई से न केवल लोगों की जान बची, बल्कि वन्यजीव संरक्षण (Wildlife Safety) की मिसाल भी कायम हुई। सूचना मिलते ही रेस्क्यू टीम गांव पहुंची और बाल्टी में बैठे नाग को सावधानीपूर्वक डिब्बे में बंद किया गया।
रेस्क्यू टीम ने किया सफल अभियान
रेस्क्यू टीम के सदस्य जितेंद्र सारथी अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। टीम में राजू बर्मन, बबलू मारवा और शुभम भी शामिल थे। उन्होंने बड़ी सावधानी से बाल्टी से नाग को बाहर निकाला और सेफ कंटेनर (Safe Container) में रखकर जंगल के सुरक्षित इलाके में छोड़ा। ग्रामीणों ने राहत की सांस ली।
बच्चों के खेलते वक्त हुआ सामना
गांव के बच्चों के खेलने के दौरान ही नाग दिखाई दिया था। हरिशंकर पटेल ने बताया कि अगर नाग पर उनकी नजर कुछ देर से पड़ती, तो किसी को नुकसान हो सकता था। ग्रामीणों ने समय रहते Snake Safety Measures अपनाते हुए खतरे को टाल दिया।
जागरूकता अभियान की अपील
रेस्क्यू टीम के प्रमुख जितेंद्र सारथी ने बताया कि उनकी टीम लगातार ग्रामीण क्षेत्रों में सर्पदंश और Snakebite Awareness को लेकर अभियान चला रही है। उन्होंने कहा कि किसी भी सर्पदंश की स्थिति में झाड़-फूंक या देरी न करें, बल्कि तुरंत अस्पताल पहुंचें। इससे कई ज़िंदगियां बचाई जा सकती हैं।





