सीजी भास्कर, 3 नवंबर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा श्रमिकों के कल्याण के लिए संचालित योजनाओं के तहत बड़ा लाभ वितरण किया गया है। श्रम विभाग की योजनाओं (Chhattisgarh Labour Scheme Update) के अंतर्गत बलौदाबाजार-भाटापारा जिले में अब तक 93 हजार 220 श्रमिकों को कुल ₹81 करोड़ 67 लाख रुपये से अधिक की राशि प्रदान की गई है।
यह सहायता भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल तथा छत्तीसगढ़ असंगठित कर्मकार कल्याण मंडल के माध्यम से दी गई है। भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल की योजनाओं से 91 हजार 468 श्रमिकों को ₹78 करोड़ 55 लाख रुपये तथा असंगठित कर्मकार मंडल की योजनाओं से 1,752 श्रमिकों को ₹3 करोड़ 12 लाख रुपये का लाभ मिला है।
श्रम पदाधिकारी ने बताया कि मुख्यमंत्री निर्माण श्रमिक निःशुल्क कार्ड योजना (Chhattisgarh Labour Scheme Update) के तहत वर्ष 2025-26 के लिए 14 हजार श्रमिकों के पंजीयन का लक्ष्य निर्धारित किया गया था।
इस लक्ष्य के विरुद्ध अब तक छह माह में 10 हजार 867 श्रमिकों का पंजीयन किया जा चुका है। जिले में अब तक कुल 1 लाख 8 हजार 848 श्रमिक पंजीकृत हो चुके हैं।
Chhattisgarh Labour Scheme Update : कल्याण मंडल की विभिन्न योजनाएं
भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल की विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत मिनीमाता कन्या विवाह योजना में 13,749 श्रमिकों को ₹22 करोड़ 60 लाख, मिनीमाता महतारी जतन योजना में 15,185 श्रमिकों को ₹12 करोड़ 46 लाख, मुख्यमंत्री निर्माण श्रमिक मृत्यु एवं दिव्यांग सहायता योजना में 1,840 श्रमिकों को ₹18 करोड़ 40 लाख, मुख्यमंत्री नौनी बाबू मेधावी शिक्षा सहायता योजना में 5,576 श्रमिकों को ₹1 करोड़ 82 लाख, मुख्यमंत्री नोनी सशक्तिकरण सहायता योजना में 5,067 श्रमिकों को ₹10 करोड़ 13 लाख तथा मुख्यमंत्री साइकिल सहायता योजना में 14,889 श्रमिकों को ₹1 करोड़ 45 लाख रुपये का भुगतान किया गया है।
इसके अलावा निर्माण श्रमिकों के बच्चों के लिए गणवेश व पुस्तक सहायता, दीदी ई-रिक्शा योजना, श्रमिक औजार सहायता योजना, महिलाओं के लिए सिलाई मशीन सहायता तथा श्रमिक आवास सहायता जैसी योजनाओं (Chhattisgarh Labour Scheme Update) से भी हजारों श्रमिक परिवारों को सीधा लाभ मिला है।
वहीं, छत्तीसगढ़ असंगठित कर्मकार कल्याण मंडल की योजनाओं के अंतर्गत महतारी जतन योजना में 214 श्रमिकों को ₹42 लाख 50 हजार, मृत्यु एवं दिव्यांग सहायता योजना में 230 श्रमिकों को ₹2 करोड़ 29 लाख, छात्रवृत्ति योजना में 342 बच्चों को ₹3 लाख 77 हजार तथा प्रसूति सहायता योजना में 117 महिला श्रमिकों को ₹22 लाख 90 हजार रुपये की सहायता दी गई है।
श्रम विभाग का कहना है कि –
सरकार का उद्देश्य राज्य के हर पंजीकृत श्रमिक तक योजनाओं का लाभ पहुंचाना है। प्रशासन ने अपील की है कि जो श्रमिक अब तक पंजीकृत नहीं हुए हैं, वे शीघ्र पंजीयन कराकर योजनाओं के अंतर्गत मिलने वाले लाभ से जुड़ें।




