सीजी भास्कर, 10 नवंबर | छत्तीसगढ़ के डिप्टी सीएम और गृह मंत्री विजय शर्मा अपने दो दिवसीय दौरे पर बीजापुर पहुंचे, जहां उन्होंने Bijapur Naxal Rehabilitation केंद्र का दौरा किया।
उन्होंने नक्सल प्रभावित इलाकों में चल रहे विकास कार्यों (Development Works) और पुनर्वास कार्यक्रमों (Rehabilitation Programs) की समीक्षा की। इस दौरान शर्मा ने पुनर्वास केंद्र में रह रहे युवाओं से मुलाकात कर उनके जीवन, सुविधाओं और सामाजिक पुनर्स्थापना से जुड़ी जानकारी ली।
डिप्टी सीएम ने कहा कि सरकार का उद्देश्य सिर्फ नक्सल उन्मूलन नहीं, बल्कि स्थायी शांति और समग्र विकास (Permanent Peace and Inclusive Development) सुनिश्चित करना है।
नक्सल क्षेत्रों में विकास की नई लहर – सुरक्षा कैंपों से दूरस्थ गांवों तक बढ़ी पहुंच
विजय शर्मा ने समीक्षा बैठक में बीजापुर एसपी जितेन्द्र यादव और कलेक्टर संबित मिश्रा से विस्तृत चर्चा की।
पुलिस प्रशासन ने बताया कि पिछले दो वर्षों में नक्सली गतिविधियों में उल्लेखनीय कमी आई है और कई युवा मुख्यधारा में लौटे हैं।
नए सुरक्षा कैंप (Security Camps) बनने से अब प्रशासन की पहुंच उन गांवों तक हो गई है, जहां पहले जाना नामुमकिन था।
डिप्टी सीएम ने कहा कि सरकार बस्तर को “Fear-Free Zone” बनाने के मिशन पर काम कर रही है, जहां विकास, शिक्षा और रोज़गार एक साथ आगे बढ़ें।
स्वास्थ्य से शिक्षा तक: विकास योजनाओं की समीक्षा में डिप्टी सीएम के सख्त निर्देश
बैठक के दौरान शर्मा ने अधिकारियों को स्वास्थ्य (Health), शिक्षा (Education), आंगनबाड़ी, सड़क, बिजली, और पेयजल सुविधाओं की गुणवत्ता पर ध्यान केंद्रित करने के निर्देश दिए।
कलेक्टर ने जानकारी दी कि अब तक 166 गांव नियद नेल्ला नार योजना में शामिल किए जा चुके हैं, जिससे सरकारी योजनाएं सीधे ग्रामीणों तक पहुंच रही हैं।
डिप्टी सीएम ने कहा कि “विकास तभी सार्थक है जब वह हर घर और हर व्यक्ति तक पहुंचे — चाहे वह नदी पार गांव हो या पहाड़ी इलाका।”
Bijapur Naxal Rehabilitation Center में आत्मविश्वास से भरे युवा – हिंसा छोड़कर विकास की राह पर
Bijapur Naxal Rehabilitation केंद्र में इस समय कुल 92 युवा रह रहे हैं जिन्होंने हिंसा का रास्ता छोड़कर समाज की मुख्यधारा को चुना है।
विजय शर्मा ने युवाओं से उनके भोजन, स्वास्थ्य, शिक्षा, कपड़े और मनोरंजन से जुड़ी सुविधाओं के बारे में विस्तार से चर्चा की।
उन्होंने युवाओं से यह भी पूछा कि क्या उन्हें कृषि भूमि, वनाधिकार पत्र और आजीविका साधनों की उपलब्धता है या नहीं।
शर्मा ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि पुनर्वासित युवाओं की रोज़गार क्षमता (Employment Opportunities) बढ़ाने के लिए प्रशिक्षण केंद्रों की संख्या बढ़ाई जाए।
परिवारों से मिलने की साप्ताहिक व्यवस्था – भावनात्मक जुड़ाव पर सरकार का फोकस
डिप्टी सीएम ने कहा कि पुनर्वासित युवाओं के परिवारों से हर रविवार मिलने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि वे भावनात्मक रूप से जुड़े रहें।
उन्होंने कई पुनर्वासित युवाओं के परिजनों से मुलाकात की और कहा कि “यह परिवर्तन सिर्फ नीतिगत नहीं, बल्कि मानवीय दृष्टिकोण से सबसे बड़ी जीत है।”
परिजनों ने सरकार के प्रयासों की सराहना की और कहा कि अब उनके बच्चे हिंसा नहीं, बल्कि विकास की दिशा (Path of Development) में कदम रख रहे हैं।
गीदम साप्ताहिक बाजार में पहुंचे डिप्टी सीएम – ‘अब बस्तर में भय नहीं, भरोसा है’
बीजापुर दौरे के दौरान विजय शर्मा गीदम के साप्ताहिक बाजार भी पहुंचे।
बाजार में उन्होंने स्थानीय व्यापारियों और ग्रामीणों से बातचीत की।
व्यापारियों ने बताया कि अब क्षेत्र में नक्सल भय (Naxal Fear) लगभग समाप्त हो गया है और वे निडर होकर अपना व्यापार कर पा रहे हैं।
डिप्टी सीएम ने बाजार में स्थानीय फलों का स्वाद लिया और ग्रामीणों से कहा — “बस्तर अब विकास की नई कहानी लिख रहा है, और इसमें आप सभी की भूमिका सबसे अहम है।”
बस्तर में Bijapur Naxal Rehabilitation मॉडल बन सकता है उदाहरण – शांति और विकास की संयुक्त राह
विशेषज्ञों का मानना है कि बीजापुर में चल रहा यह पुनर्वास मॉडल पूरे बस्तर और देश के नक्सल प्रभावित इलाकों के लिए एक उदाहरण बन सकता है।
यह केवल नक्सल उन्मूलन का प्रयास नहीं, बल्कि सामाजिक पुनर्निर्माण (Social Reintegration) की एक सशक्त प्रक्रिया है।
डिप्टी सीएम का यह दौरा इस बात का प्रतीक है कि बस्तर अब धीरे-धीरे “संघर्ष की भूमि” से “संभावनाओं की भूमि” में बदल रहा है।




