सीजी भास्कर, 11 नवंबर | Chhattisgarh Investment Growth : अहमदाबाद में आयोजित इन्वेस्टर कनेक्ट (Investor Connect) कार्यक्रम ने छत्तीसगढ़ के लिए आर्थिक संभावनाओं का नया अध्याय खोला है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बताया कि राज्य को लगभग ₹33,000 करोड़ के निवेश प्रस्ताव मिले हैं, जिनसे 10,532 से अधिक नए रोजगार सृजित होंगे। इन प्रस्तावों में थर्मल पावर, ग्रीन स्टील, सोलर सेल, फार्मा और मेडिकल न्यूट्रिशन जैसे क्षेत्र शामिल हैं, जो राज्य की औद्योगिक तस्वीर को नई दिशा देंगे।
राज्य के औद्योगिक विकास की बड़ी छलांग
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि यह निवेश छत्तीसगढ़ को “ऊर्जा से उद्योग तक के हब” के रूप में स्थापित करेगा। उन्होंने कार्यक्रम के दौरान बताया कि नई औद्योगिक नीति लागू होने के बाद से अब तक राज्य को ₹7.83 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हो चुके हैं। ये आंकड़े स्पष्ट संकेत देते हैं कि राज्य अब “Make in Chhattisgarh ” की ओर मजबूती से बढ़ रहा है।
गुजरात-छत्तीसगढ़ साझेदारी: विकास की नई मिसाल
साय ने गुजरात की भूमि को “उद्यमिता की जननी” बताते हुए कहा कि जैसे गुजरात ने भारत की अर्थव्यवस्था को रफ्तार दी है, वैसे ही छत्तीसगढ़ अपनी ऊर्जा, खनिज और कुशल जनशक्ति के बल पर निवेशकों का पसंदीदा गंतव्य बन रहा है। उन्होंने कहा,
“गुजरात के पास उद्योग की परंपरा है, तो छत्तीसगढ़ के पास संसाधन और स्थिर नीतियाँ — यही हमारे विकास का समन्वय है।”
22 महीनों में 350 सुधार – निवेशकों के लिए आसान रास्ता
मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार ने पिछले 22 महीनों में 350 से अधिक नीतिगत सुधार किए हैं, जिससे उद्योग लगाना पहले से कहीं अधिक आसान हुआ है। सिंगल विंडो सिस्टम (Single Window System) के माध्यम से अब अनुमतियाँ तेज़ी से जारी की जाती हैं। यही कारण है कि छत्तीसगढ़ अब “Investor Friendly Chhattisgarh (focus keyphrase)” के रूप में उभर रहा है।
नवा रायपुर बन रहा IT और AI हब
साय ने खुलासा किया कि नवा रायपुर को अब आईटी और एआई डेटा सेंटर हब (AI Data Center Hub) के रूप में विकसित किया जा रहा है। यहाँ सेमीकंडक्टर, इलेक्ट्रॉनिक्स और टेक्नोलॉजी क्षेत्र की कंपनियाँ निवेश में गहरी रुचि दिखा रही हैं। उन्होंने कहा कि पर्यटन को उद्योग का दर्जा देने से हॉस्पिटैलिटी और वेलनेस सेक्टर में भी नए अवसर खुल रहे हैं।
बस्तर-सर्गुजा को मिलेगा विशेष प्रोत्साहन
मुख्यमंत्री ने बताया कि नई औद्योगिक नीति के तहत जनजातीय अंचलों (Bastar-Surguja) में उद्योग स्थापित करने पर अतिरिक्त प्रोत्साहन दिए जा रहे हैं। इससे स्थानीय युवाओं को रोजगार के साथ-साथ क्षेत्रीय विकास को भी बल मिलेगा। यह नीति “Inclusive Industrial Growth (focus keyphrase)” का उत्कृष्ट उदाहरण है।
मुख्यमंत्री साय का विज़न: उद्योग, ऊर्जा और उद्यमिता का त्रिवेणी संगम
साय ने कहा कि राज्य कोयला उत्पादन में देश में दूसरे स्थान पर है और हाल ही में आयोजित एनर्जी समिट में ₹3.5 लाख करोड़ के प्रस्ताव मिले हैं। यह दर्शाता है कि छत्तीसगढ़ की एनर्जी इकॉनमी (Energy Economy) भारत के विकास इंजन में अहम भूमिका निभाएगी।
इन कंपनियों ने किया बड़ा निवेश एलान
1. लीजियम लाइफ साइंसेस प्राइवेट लिमिटेड
फार्मा और मेडिकल न्यूट्रिशन उत्पादों के निर्माण में ₹101 करोड़ का निवेश, 750 रोजगार।
2. टोरेंट पावर लिमिटेड
₹22,900 करोड़ की लागत से 1,600 मेगावाट थर्मल पावर प्लांट, लगभग 5,000 लोगों को रोजगार।
3. टोरेंट फार्मास्युटिकल्स लिमिटेड
फार्मा मैन्युफैक्चरिंग यूनिट में ₹200 करोड़ का निवेश, 200 रोजगार।
4. ओनिक्स थ्री एनर्सोल प्राइवेट लिमिटेड
ग्रीन हाइड्रोजन, ग्रीन अमोनिया और ग्रीन स्टील निर्माण प्लांट, ₹9,000 करोड़ निवेश, 4,082 रोजगार।
5. माला क्रिएशन प्राइवेट लिमिटेड (सूरत)
2 जीगावाट क्षमता की सोलर सेल यूनिट, ₹700 करोड़ निवेश, 500 रोजगार।
6. मल्टी सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल
₹300 करोड़ का निवेश, हेल्थ सेक्टर में बड़ा सुधार और स्थानीय रोजगार।
7. सफायर सेमीकॉम प्राइवेट लिमिटेड
सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग यूनिट में ₹120 करोड़ निवेश, लगभग 4,000 रोजगार अवसर।
छत्तीसगढ़ बन रहा निवेश का नया गढ़
छत्तीसगढ़ अब सिर्फ खनिजों का प्रदेश नहीं, बल्कि निवेश और नवाचार का हब बन रहा है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की स्पष्ट नीतियाँ, तेज प्रशासनिक प्रक्रिया और निवेशक-हितैषी माहौल राज्य को “New Growth Destination of India” बना रहे हैं।





