सीजी भास्कर, 29 नवंबर | भारतीय सिनेमा की सबसे यादगार फिल्मों में गिनी जाने वाली शोले पर बात करते हुए डायरेक्टर रमेश सिप्पी ने अपने पुराने दोस्त और वीरू के किरदार से अमर हुए धर्मेंद्र को याद किया। 56वें इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल ऑफ इंडिया में हुए सेशन—“शोले के 50 साल: हम आज भी इसे क्यों याद करते हैं”—के दौरान सिप्पी ने कहा कि Dharmendra Legacy ऐसी है जिसे कोई भी कभी रिप्लेस नहीं कर पाएगा।
‘धर्मेंद्र जैसे इंसान और एक्टर दोबारा पैदा नहीं होते’
एक दर्शक ने जब धर्मेंद्र के बारे में सवाल किया तो सिप्पी ने कुछ पल रुककर भावुक अंदाज़ में कहा,
“उनके बारे में बोलना मुश्किल है… यह सब बहुत अचानक हुआ। वह जितने बड़े स्टार थे, उससे कहीं ज्यादा बड़े इंसान थे। उनकी जगह कोई नहीं ले सकता। अच्छे एक्टर और आएंगे, लेकिन धर्मेंद्र—फिर कभी नहीं।”
उनके मुताबिक, धर्मेंद्र की इमोशनल ईमानदारी, ह्यूमैनिटी और ऑन-स्क्रीन एनर्जी ही उनकी असली पहचान थी, जो हमेशा उनकी Dharmendra Legacy का हिस्सा बनी रहेगी।
Dharmendra Legacy : शोले के तीन बड़े सितारे अब सिर्फ यादों में
सिप्पी ने याद दिलाया कि शोले के छह प्रमुख कलाकारों में से तीन अब दुनिया में नहीं हैं—संजीव कुमार, अमजद खान और हाल ही में धर्मेंद्र।
उन्होंने कहा,
“जब टीम के इतने बड़े चेहरे नहीं रहते, तो सेट की पुरानी आवाज़ें भी जैसे मन में गूंजने लगती हैं।”
रमेश ने बताया कि धर्मेंद्र की हंसी, उनकी टाइमिंग और उनकी दोस्ती ने शोले के माहौल को हमेशा जीवंत रखा था। यह पहलू आज भी फिल्म के पीछे छिपे ‘इमोशनल फ्रेम’ का सबसे बड़ा हिस्सा है।
‘वीरू’ का किरदार – धर्मेंद्र की पहचान का सुनहरा अध्याय
सिप्पी ने यह भी माना कि 1975 की फिल्म में वीरू का किरदार सिर्फ एक रोल नहीं था—यह धर्मेंद्र की असली पर्सनैलिटी का प्रतिबिंब था—जिंदादिल, बिंदास और दिल से इंसान।
फिल्म में उनके साथ काम करने वाले अमिताभ बच्चन, हेमा मालिनी, जया बच्चन और संजीव कुमार ने भी उस दौर में धर्मेंद्र के करिश्मे को अपने-अपने तरीकों से महसूस किया था।
आज भी सिनेमा के इतिहास में Dharmendra Legacy की सबसे चमकदार झलक वीरू के रूप में ही देखी जाती है।
Dharmendra Legacy : लम्बी बीमारी के बाद शांत विदाई
लंबे समय से बीमार चल रहे धर्मेंद्र नवंबर के मध्य में अस्पताल में भर्ती थे। हालत सुधरने पर उन्हें घर ले जाया गया, लेकिन 24 नवंबर को उन्होंने अंतिम सांस ली।
उनकी आखिरी यात्रा में फिल्म इंडस्ट्री की अनेक प्रमुख हस्तियां मौजूद रहीं—परिवार के सदस्यों के अलावा कई बड़े सितारे भी चुपचाप खड़े थे, जैसे किसी युग के अंत को देख रहे हों।
