सीजी भास्कर, 29 नवंबर। राजनांदगांव में दो अलग-अलग बड़े साइबर फ्राड (Cyber Fraud Rajnandgaon) का पुलिस ने खुलासा किया है। इनमें डिजिटल अरेस्ट और फर्जी शेयर ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल कर पीड़ितों से कुल दो करोड़ एक लाख से अधिक की ऑनलाइन ठगी की गई थी। तकनीकी जांच और त्वरित एक्शन लेते हुए पुलिस ने हरियाणा के गुरुग्राम तथा मध्यप्रदेश के सिहोर और इंदौर से कुल चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
उनके कब्जे से पासबुक, एटीएम कार्ड, चेकबुक, आधार कार्ड, पैन कार्ड और 5 मोबाइल फोन जब्त किए गए हैं। पुलिस जांच में सामने आया है कि ये आरोपी देशभर में सक्रिय साइबर नेटवर्क से जुड़े थे और अलग-अलग खातों के माध्यम से ठगी की रकम को आगे भेजते थे।
79 वर्षीय महिला से ₹79.69 लाख की ठगी
पहले मामले में साइबर ठगों ने एक 79 वर्षीय महिला को कॉल कर खुद को एयरटेल कर्मचारी बताया, फिर CBI अधिकारी और अंत में वीडियो कॉल पर “जज” बनकर धमकाया। आरोपियों ने पीड़िता को झूठा विश्वास दिलाया कि वह मनी लॉन्ड्रिंग केस में फंसी हैं और निर्दोष साबित होने के लिए उन्हें अपनी रकम “जज के बताए खाते” में ट्रांसफर करनी होगी। घबराई महिला ने कुल ₹79,69,047 ठगों के खातों में भेज दिए—यह पूरा मॉडस ऑपेरेंडी डिजिटल अरेस्ट स्कैम (Digital Arrest Scam) का क्लासिक रूप था।
पीड़िता ने थाना कोतवाली में अपराध क्रमांक 700/2025 दर्ज कराया। साइबर सेल ने मनी ट्रेल का पीछा करते हुए गुरुग्राम में दबिश दी और आरोपी राधेश्याम (20 वर्ष) को गिरफ्तार कर लिया। राधेश्याम का काम था विभिन्न बैंक खातों और एटीएम के जरिए कैश निकालकर 2% कमीशन पर गिरोह तक पहुंचाना।
Cyber Fraud Rajnandgaon गिरफ्तार आरोपी
राधेश्याम पिता धनाराम, निवासी कुश्लावा, जिला जोधपुर (राजस्थान)
दूसरा मामला : फर्जी शेयर ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म से व्यापारी से ₹1.21 करोड़ की ठगी
दूसरे बड़े मामले में राजनांदगांव के व्यापारी आयुष अग्रवाल को ऑनलाइन फॉरेक्स/ट्रेडिंग के नाम पर ठगा गया। शुरू में ₹15,000 का नकली मुनाफा दिखाकर भरोसे में लिया गया और फिर अधिक लाभ का लालच देकर कुल ₹1,21,53,590 रुपये ट्रांसफर करवाए गए। पीड़ित द्वारा 1930 और थाना कोतवाली में अपराध क्रमांक 656/2025 दर्ज कराने के बाद साइबर सेल ने मनी ट्रेल का गहन विश्लेषण किया।
जांच में पता चला कि ठगी की रकम में से ₹9 लाख बंधन बैंक के उस खाते में गए, जिसे आरोपी धीरज सिंह ने “किसान बाजार” नाम से करंट अकाउंट खोलकर केवल ₹1,30,000 कमीशन में साइबर गिरोह को बेच दिया था। इसके अलावा आरोपी अरविंद ठाकुर और डिम्पल यादव बैंक खाते और सिम कार्ड उपलब्ध कराते थे और बदले में 2% से 2.8% तक कमीशन लेते थे। इन्हें यह कमीशन क्रिप्टोकरेंसी USDT में प्राप्त होता था। यह पूरा मामला संगठित साइबर ट्रेडिंग फ्राड (Fake Trading Fraud) का हिस्सा था।
Cyber Fraud Rajnandgaon गिरफ्तार आरोपी
धीरज सिंह पिता गुलाब सिंह, अंजनी नगर, काजीखेड़ी थाना पार्वती (म.प्र.)
अरविंद ठाकुर पिता मनोज सिंह ठाकुर, मुकाती कॉलोनी, आष्टा जिला सिहोर (म.प्र.)
डिम्पल सिंह यादव पिता रणबीर सिंह, भिंडावास जिला झज्जर (हरियाणा) — B.Tech साइबर सुरक्षा छात्र
पुलिस का कहना है कि दोनों मामलों में पकड़े गए आरोपी केवल “फ्रंट-एंड हैंडलर” हैं और इनके माध्यम से राष्ट्रीय स्तर पर सक्रिय बड़े साइबर नेटवर्क का संचालन होता है। पुलिस साइबर हाइकमान, बैंकिंग ट्रांजैक्शन, कॉल डेटा रिकॉर्ड और डिजिटल फॉरेंसिक जांच के आधार पर गहराई से नेटवर्क को ट्रेस कर रही है (Cyber Crime Chhattisgarh)। आने वाले समय में और गिरफ्तारियाँ संभव हैं।
