सीजी भास्कर, 30 नवंबर। पीएम नरेंद्र मोदी की सख्ती का असर अब स्पष्ट दिखने लगा है। हर घर जल पहुंचाने के लिए शुरू किए गए जल जीवन मिशन में गड़बड़ियों पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सख्त रुख के बाद केंद्र सरकार ने राज्यों से कहा था कि जब तक वे दोषियों पर कार्रवाई नहीं करेंगे, तब तक उन्हें एक पैसा भी जारी नहीं किया जाएगा।
अब राज्यों ने उसी दिशा में कदम बढ़ाते हुए (Jal Jeevan Mission) के तहत अपने-अपने ठेकेदारों पर 129 करोड़ रुपये से अधिक का जुर्माना लगाया है। गुजरात, राजस्थान सहित सात राज्यों में यह कार्रवाई हुई है, जबकि आठ राज्यों ने 18 अधिकारियों के खिलाफ ईडी, लोकायुक्त और सीबीआई में केस दर्ज कराए हैं। इनमें नौ अधिकारियों पर एफआईआर भी हुई है और राजस्थान के पूर्व मंत्री महेश जोशी की गिरफ्तारी भी इसी कड़ी का हिस्सा है।
जल जीवन मिशन से जुड़े वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया कि सभी राज्यों से मिली गड़बड़ियों पर कार्रवाई रिपोर्ट मांगी गई है। अब तक 20 राज्यों ने रिपोर्ट भेज दी है, जबकि अन्य से जल्द भेजने को कहा गया है।
हालांकि, गुजरात, राजस्थान सहित सात राज्यों ने ठेकेदारों पर जो जुर्माना लगाया है, उसमें अभी तक लगभग 13 करोड़ रुपये की ही वसूली हो पाई है। इसमें सबसे बड़ा हिस्सा गुजरात का है, जिसने 120 करोड़ का जुर्माना लगाया और करीब 6.65 करोड़ की वसूली भी की, ये आंकड़े सीधे तौर पर (Jal Jeevan Mission) के प्रभाव को दर्शाते हैं।
मिशन से जुड़े अधिकारियों के अनुसार, अभी जल जीवन मिशन के तहत 81 प्रतिशत घरों तक ही पानी या पाइपलाइन पहुंचाई जा सकी है। राज्यों का दावा है कि मिशन को पूरा करने के लिए उन्हें और धन चाहिए।
हालांकि मिशन 2024 में पूरा होना था, लेकिन राज्यों की मांग को देखते हुए इसे 2028 तक बढ़ाने का फैसला किया गया है। वहीं केंद्र ने स्पष्ट कर दिया है कि जब तक (Jal Jeevan Mission) के तहत कड़ी कार्रवाई नहीं होगी और उसकी अमल रिपोर्ट नहीं दी जाएगी, तब तक किसी भी राज्य को राशि जारी नहीं की जाएगी।
केंद्र का एक और निर्देश है कि गड़बड़ी करने वालों को किसी सूरत में छोड़ा नहीं जाएगा। अब राज्यों को मिलने वाला पैसा मिशन आधारित नहीं, बल्कि स्कीम आधारित होगा। बता दें कि जल जीवन मिशन से जुड़ी गड़बड़ियों का खुलासा तब हुआ जब प्रधानमंत्री के निर्देश पर सभी राज्यों में अधिकारियों के दल भेजे गए, जिन्होंने जमीनी हकीकत का गहन सत्यापन किया और वहीं से (Jal Jeevan Mission) की इस कड़ी शुरुआत हुई।
