Saharanpur suspicious death case : उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले के बाज़ारना गांव में देर रात लगी आग ने एक दर्दनाक घटना का रूप ले लिया। एक दिव्यांग युवक की झोपड़ी अचानक आग की लपटों में घिर गई और कुछ ही पलों में पूरा ढांचा राख हो गया। झोपड़ी के साथ-साथ पास खड़ी मोटरसाइकिल भी पूरी तरह जल चुकी थी।
ग्रामीणों ने तुरंत परिजनों को सूचना दी, लेकिन जब तक परिवार मौके पर पहुंचा, तब तक तख्त पर पड़ा शव इतना जल चुका था कि suspicious death का शक और गहरा हो गया।
परिजनों का आरोप—पहले गला दबाकर हत्या, फिर सबूत मिटाने को लगाई आग
मृतक तारिख के भाई मोहम्मद मुज़म्मिल ने घटना को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि तारिख दिव्यांग था और अपने एक दोस्त के साथ रहता था, जो घटना के बाद से गायब है।
परिवार का दावा है कि युवक की पहले हत्या की गई और बाद में शव व झोपड़ी को आग के हवाले कर murder suspicion evidence को खत्म करने की कोशिश हुई।
परिजनों के मुताबिक, गांव के पूर्व प्रधान ने उन्हें रात में ही आग की सूचना दी, लेकिन जब वे पहुंचे तो वहां सिर्फ राख और जली लकड़ियों की गंध भर बची थी।
Saharanpur suspicious death case : पुलिस ने हत्या का केस दर्ज किया, आरोपी की तलाश जारी
घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस और फील्ड यूनिट टीम मौके पर पहुंची। टीम ने जली झोपड़ी से कई अहम नमूने जुटाए और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
परिजनों की तहरीर के आधार पर एक व्यक्ति के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज हुआ है। पुलिस का कहना है कि forensic investigation case को ध्यान में रखते हुए हर एंगल से जांच चल रही है।
एसपी देहात का कहना है कि मामला बेहद संवेदनशील है और जांच में जल्द महत्वपूर्ण तथ्य सामने आ सकते हैं।
गांव में डर और गुस्से का माहौल, दिव्यांग युवक की मौत पर उठे कई सवाल
ग्रामीणों के मुताबिक, मृतक तारिख शांत स्वभाव का था और किसी से कोई विवाद नहीं था। यही वजह है कि उसकी इस तरह की मौत ने पूरे गांव में दहशत फैला दी है।
लोगों का कहना है कि अगर यह वास्तव में हत्या है, तो आरोपी को जल्द पकड़कर कड़ी सजा मिलनी चाहिए, क्योंकि इतनी निर्दयता किसी के भी साथ हो सकती है।




