सीजी भास्कर 3 दिसम्बर Lab-Fire Incident : गुजरात के भावनगर में बुधवार सुबह उस वक्त अफरा-तफरी फैल गई, जब कालूभा रोड पर बने एक बहुमंजिला कॉम्प्लेक्स में अचानक धुआं उठता दिखाई दिया। शुरुआती जानकारी के अनुसार आग देव पैथोलॉजी लैब से शुरू हुई और कुछ ही मिनटों में आसपास मौजूद अस्पतालों और दुकानों तक फैल गई। कॉम्प्लेक्स की बनावट ऐसी है कि एक सेक्शन में लगी आग दूसरे हिस्सों में तेजी से फैल सकती है, और यही हुआ भी।
धुएं का गुबार बढ़ते ही अस्पतालों में घबराहट
जैसे-जैसे धुआं पूरे कॉम्प्लेक्स में भरने लगा, अस्पतालों में भर्ती मरीज घबराने लगे। सांस लेने में तकलीफ होने लगी और कई बच्चे, वृद्ध और गंभीर मरीज धुएं के कारण फंस गए। मेडिकल स्टाफ ने तुरंत मरीजों को सुरक्षित ज़ोन की ओर ले जाने की कोशिश शुरू कर दी। इसी बीच स्थिति बिगड़ती देख फायर ब्रिगेड को राहत-बचाव के लिए कॉल किया गया।
दस फायर टेंडर, 50 से अधिक फायरफाइटर्स जुटे बचाव में
फायर विभाग ने आग की गंभीरता को समझते हुए एक साथ 10 फायर टेंडर मौके पर भेजे। 50 से ज्यादा फायरफाइटर्स ने धुआं कम करने और मरीजों को निकालने का काम शुरू किया। अधिकारी प्रद्युम्न सिंह जडेजा ने बताया कि अब तक 19–20 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया है। कई जगहों पर खिड़कियां तोड़कर सीढ़ियां लगाई गईं, ताकि नाइस चिल्ड्रन हॉस्पिटल और अन्य क्लीनिकों के मरीजों को बाहर लाया जा सके।
शीशे तोड़कर बच्चों और बुजुर्गों को बाहर निकाला गया
धुआं इतना घना था कि कई कमरों में विज़िबिलिटी लगभग शून्य हो गई थी। ऐसे में स्ट्रेचर के जरिए बच्चों और बुजुर्गों को शीशे तोड़कर बाहर लाया गया। स्थानीय लोग भी मौके पर पहुंचकर फायरफाइटर्स की मदद करने लगे। अस्पताल स्टाफ ने इमरजेंसी में मरीजों को नज़दीकी सुरक्षित जगहों पर शिफ्ट किया, ताकि किसी को सांस संबंधी दिक्कत न हो।
आग बेसमेंट ब्रेसिंग से फैलने का शक, समय रहते टला बड़ा हादसा
फायर विभाग की प्रारंभिक जांच में अनुमान लगाया गया है कि आग कॉम्प्लेक्स के बेसमेंट ब्रेसिंग एरिया से शुरू हुई थी। वहां रखे इलेक्ट्रिकल पार्ट्स ने आग को तेजी से फैलाया, जिससे पूरी इमारत धुएं से भर गई। कई मरीजों का दम घुटने लगा था, लेकिन राहत की बात यह रही कि सभी को समय रहते बाहर निकाल लिया गया। Lab-Fire Incident की वजह अभी पूरी तरह स्पष्ट नहीं है और जांच जारी है।
आग पर लगभग काबू, कूलिंग जारी—कारणों की जांच शुरू
फायर ब्रिगेड का कहना है कि आग पर काफी हद तक नियंत्रण पा लिया गया है और कूलिंग ऑपरेशन चल रहा है, ताकि कोई चिंगारी दोबारा न भड़के। फिलहाल पुलिस और तकनीकी टीम इस बात की जांच कर रही है कि इतनी बड़ी आग का मूल कारण क्या था—शॉर्ट सर्किट, उपकरणों की गर्मी या कुछ और।






