सीजी भास्कर, 03 दिसंबर। मोतिहारी के संग्रामपुर स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में हुई एक अजीब घटना ने सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्थाओं पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। यहां सीने में दर्द और लगातार खांसी (Bihar health negligence) की शिकायत लेकर पहुंचे एक मरीज को डॉक्टरों ने इलाज के नाम पर रेबीज़ का इंजेक्शन लगा दिया। मामला सामने आते ही अस्पताल प्रशासन से लेकर जिला स्वास्थ्य महकमे तक हड़कंप मच गया।
घटना के बाद जिले के शीर्ष स्वास्थ्य अधिकारी ने खुद अस्पताल पहुंचकर जांच शुरू की। मंगलवार को स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी ने एक-एक कर्मी से पूछताछ की कि मरीज का पुर्जा किसने बनाया, दवा किसने लिखी और आखिर रेबीज़ की सुई किसने लगा दी। जांच के दौरान पता चला कि मरीज के पर्चे पर चिकित्सक का नाम दर्ज था,
लेकिन उन्होंने मरीज को देखा ही नहीं था। सुई लगाने का काम एक चतुर्थ वर्गीय कर्मचारी के द्वारा किए जाने का दावा किया गया, जबकि दवा किसी अन्य डॉक्टर ने लिखी थी। अधिकारियों का कहना है कि पूरे प्रकरण की गहन जांच की जा रही है और लापरवाही में जो भी जिम्मेदार पाया जाएगा, उस पर कठोर कार्रवाई तय है।
खुद के खिलाफ साजिश का आरोप—प्रभारी ने उठाए गंभीर सवाल
इधर स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी चिकित्सा अधिकारी ने इस पूरी घटना को “पूर्वनियोजित” बताते हुए कई कर्मचारियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि वे लंबे समय से केंद्र में चल रही अनियमितताओं (Bihar health negligence) को उजागर करने की तैयारी में थे, इसलिए कुछ कर्मियों ने मिलकर उन्हें बदनाम करने की साजिश रची।
प्रभारी ने दावा किया कि स्वास्थ्य केंद्र के आसपास अवैध रूप से चल रहे कई क्लीनिक, जांच केंद्र और अल्ट्रासाउंड सेंटर भी नियमों के विपरीत संचालित हैं, जिन पर जल्द कार्रवाई की जाएगी। साथ ही जिला स्वास्थ्य अधिकारी ने भी कहा कि कागजी प्रक्रिया पूरी होते ही इन सभी स्थानों पर छापेमारी की जाएगी।
यह पूरा मामला न सिर्फ स्वास्थ्य सेवाओं में लापरवाही की एक और मिसाल है, बल्कि आंतरिक विवाद और अव्यवस्था की पोल भी खोलता है। मरीज के साथ हुई यह गलती अब एक बड़े प्रशासनिक मसले में बदल गई है, जिसके नतीजे आने वाले दिनों में सामने होंगे।
गलत इंजेक्शन का मामला:
मरीज को खांसी और सीने के दर्द की शिकायत, पर लगा दी रेबीज़ की सुई—स्वास्थ्य विभाग में मची हलचल।
अस्पताल में अंदरूनी टकराव:
प्रभारी ने कर्मचारियों पर साजिश का आरोप लगाया, अवैध क्लीनिकों पर जल्द कार्रवाई (Bihar health negligence) की चेतावनी। आप अपनी पर्सनल लाइनें Mini News Box 1 से ठीक पहले या अंतिम पैराग्राफ के बाद निष्कर्ष के रूप में डाल सकते हैं। यह स्थान SEO और फ्लो दोनों को बिल्कुल प्रभावित नहीं करेगा।






