सीजी भास्कर, 3 दिसंबर। रायगढ़ रेलवे स्टेशन के आरपीएफ पोस्ट में बुधवार तड़के (आरपीएफ गोलीकांड) सनसनीखेज गोली कांड (Raigarh Shooting) से पूरा परिसर सहम गया। जिसमें एक प्रधान आरक्षक ने अपने ही साथी और घनिष्ठ मित्र प्रधान आरक्षक को 9 एमएम पिस्टल से चार राउंड चलाकर मौत के घाट उतार दिया। गोली की आवाज सुनते ही थाना और प्लेटफार्म नंबर एक पर ट्रेन का इंतजार कर रहे यात्रियों में हड़कंप मच गया।
मृतक प्रधान आरक्षक पी. मिश्रा बीती रात 10 बजे किरोड़ीमल रेलवे लाइन की गश्त ड्यूटी पर था। ड्यूटी से सुबह करीब 4 बजे लौटने पर आरपीएफ पोस्ट में मौजूद उनके पुराने दोस्त और एक साथ ज्वाइनिंग करने वाले प्रधान आरक्षक कुमार सिंह लदेर से किसी बात को लेकर विवाद हो गया। कुछ ही देर में विवाद इतना बढ़ गया कि कुमार सिंह लदेर ने अपनी सर्विस 9 एमएम पिस्टल निकालकर (आरपीएफ गोलीकांड) पी. मिश्रा के सिर पर चार राउंड फायर (Raigarh Shooting) कर दिया। गोलियां लगते ही पी. मिश्रा लहूलुहान होकर गिर पड़ा और कुछ ही मिनटों में उसकी मौत हो गई।
गोली की आवाज सुनते ही थाने में मौजूद जवान दौड़कर पहुंचे, लेकिन तब तक देर हो चुकी थी। स्टेशन में बैठे यात्रियों से लेकर दुकान संचालकों तक में अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलते ही रायगढ़ आरपीएफ और स्थानीय पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। फोरेंसिक टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण कर साक्ष्य जुटाना शुरू किया। इस बीच साथी जवानों ने आरोपी प्रधान आरक्षक कुमार सिंह लदेर को मौके पर ही (आरपीएफ गोलीकांड) हिरासत में ले लिया। घटना ने पूरे रेलवे पुलिस बल को झकझोर कर रख दिया। उधर, हत्या की खबर मिलते ही मृतक के परिजन भी थाने आ पहुंचे।
एक ही बैच के थे आरोपी और मृतक
पुलिस सूत्रों के अनुसार दोनों जवान एक ही बैच में भर्ती हुए थे और काफी घनिष्ठ मित्र थे। अचानक हुए विवाद की मूल वजह अभी सामने नहीं आ पाई है, लेकिन प्रारंभिक जांच में निजी रंजिश या मानसिक तनाव जैसी आशंकाओं पर (आरपीएफ गोलीकांड) पुलिस जांच कर रही है।






