सीजी भास्कर, 3 दिसंबर। लखनपुर थाना क्षेत्र से मानव तस्करी का एक गंभीर प्रकरण सामने आया है। 18 वर्षीय युवती को रोजगार दिलाने का झांसा देकर मध्यप्रदेश के उज्जैन ले जाकर ऊंची रकम में बेचने की कोशिश की गई। युवती की सतर्कता और साहस के चलते मामला उजागर हुआ और पुलिस (Human Trafficking) तक पहुंच सका। पुलिस ने चार आरोपितों के खिलाफ अपराध दर्ज किया है।
पीड़िता ने लखनपुर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराते हुए बताया कि ग्राम सिंगीटाना निवासी धनी कुजूर से उसका परिचय था और दोनों मोबाइल फोन पर बात भी करते थे। पीड़िता के अनुसार धनी कुजूर उसे अंबिकापुर में काम दिलाने के बहाने मोटरसाइकिल से अंबिकापुर रेलवे स्टेशन के पास गोरसीडबरा ले गया, जहां उसके तीन साथी अलका उरांव, नितेश और अशोक पहले से मौजूद थे।
पीड़िता के मुताबिक अलका उरांव ने उसका सोने का नथिया, चांदी का चैन और कपड़े रख लिए, जबकि मोबाइल फोन और सिम अशोक ने अपने पास रख लिया। रात में चारों आरोपित युवती को ट्रेन से उज्जैन ले गए। वहां पहुंचकर धनी कुजूर, नितेश और अलका उरांव लौट आए और युवती को अशोक के साथ अकेला छोड़ दिया गया। पीड़िता के अनुसार उसे कमरे में बंद कर बाहर जाने और बातचीत करने पर रोक लगा दी गई।
जब युवती ने घर जाने की बात कही तो अशोक ने बताया कि उसे ढाई लाख रुपये में बेच दिया गया है और वह यहीं रहेगी। करीब एक सप्ताह बाद उसे दूसरी जगह ले जाया जा रहा था, तभी उसने शोर मचाया। स्थानीय लोगों की मदद से उज्जैन पुलिस मौके पर पहुंची और युवती को सुरक्षित बरामद कर सखी सेंटर में रखा गया। दो दिन बाद स्वजन उज्जैन पहुंचे और पुलिस के सहयोग से उसे घर लेकर आए।
पीड़िता की रिपोर्ट पर लखनपुर पुलिस ने धनी कुजूर, अलका उरांव, नितेश और अशोक के खिलाफ धारा 143(2), 3(5) बीएनएस के तहत अपराध दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस (Human Trafficking) पूरे मामले की कड़ियों को जोड़कर आगे कार्रवाई कर रही है।




