Ethanol Plant Protest Rajasthan : 15 महीने पुराना विरोध आखिर क्यों उग्र हुआ
हनुमानगढ़ जिले के राठीखेड़ा गांव में एथेनॉल फैक्ट्री निर्माण को लेकर किसानों का चल रहा विरोध बुधवार को अचानक हिंसक मोड़ ले बैठा। ग्रामीणों की भीड़ सुबह ही निर्माण स्थल पर पहुंच गई और कुछ ही मिनटों में अधूरी दीवार को ढहा दिया।
स्थानीय लोगों का कहना है कि पिछले पंद्रह महीनों से चल रही आपत्तियों को अनसुना करना ही इस फटने वाले माहौल का कारण बना है।
भीड़ का उग्र रूप—18 वाहन तोड़े और आग के हवाले
स्थिति तब और बिगड़ी, जब प्रदर्शनकारियों का एक हिस्सा अचानक वाहनों की ओर बढ़ गया। कुछ ट्रैक्टर, पिकअप और निर्माण से जुड़े वाहन क्षणभर में तोड़फोड़ की चपेट में आ गए।
देखते ही देखते 18 वाहनों में आग लगा दी गई। इलाके में उठते धुएं ने पूरे माहौल को भयभीत कर दिया। कई ग्रामीणों ने बताया कि तनाव “कुछ ही मिनटों” में बेकाबू हो गया।
पुलिस कार्रवाई—लाठीचार्ज और आंसू गैस के गोले
भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने पहले समझाइश दी, लेकिन हालात हाथ से निकलते देख लाठीचार्ज किया गया।
इसके बाद आंसू गैस के गोले दागे गए, जिससे प्रदर्शन स्थल पर अफरातफरी मच गई।
इस झड़प में 50 से अधिक किसान चोटिल हुए, जबकि संगरिया क्षेत्र के विधायक अभिमन्यु पूनिया भी घायल बताए जा रहे हैं।
450 करोड़ का प्लांट—किसानों की प्रमुख आशंकाएं क्या हैं
राठीखेड़ा में प्रस्तावित लगभग 450 करोड़ रुपये का एथेनॉल प्लांट पिछले डेढ़ साल से विवाद का केंद्र बना हुआ है।
किसानों का कहना है कि यह फैक्ट्री—
• भूजल स्तर को प्रभावित करेगी,
• क्षेत्र में प्रदूषण बढ़ेगा,
• खेती व फसलों पर सीधा असर पड़ेगा।
प्रशासन की ओर से पहले भी विरोध को हटाकर काम शुरू कराया गया था, और धारा 163 लगने के बाद निर्माण फिर से तेज किया गया।
राजनीतिक हलचल—आरोप और जवाबों की बौछार
घटना के बाद राजनीतिक बयानबाजी भी तेज नजर आई।
कई नेताओं ने किसानों की अनदेखी का आरोप लगाते हुए कहा कि उनकी बात सुने बिना किसी औद्योगिक परियोजना को थोपने का परिणाम यही होता है।
पूर्व नेताओं ने पुलिस कार्रवाई को “अनावश्यक बल प्रयोग” बताया और संवेदनशील हालात में धैर्य से काम लेने की अपील की।
कंपनी का दावा—‘परियोजना क्षेत्र के विकास का हिस्सा’
एथेनॉल प्लांट का निर्माण चंडीगढ़ स्थित एक निजी कंपनी द्वारा किया जा रहा है, जो दावा करती है कि 40 मेगावाट क्षमता वाला यह प्लांट देश की ethanol-blended fuel नीति को मजबूती देगा (Ethanol Plant Protest Rajasthan)।
कंपनी का कहना है कि इससे स्थानीय रोजगार और संसाधनों में भी बढ़ोतरी होगी, हालांकि ग्रामीण इन दावों को संतोषजनक नहीं मान रहे।
प्रशासन सतर्क—भारी फोर्स और इंटरनेट बंद
तनाव को देखते हुए पूरे क्षेत्र में सुरक्षा बलों की तैनाती बढ़ा दी गई है।
इंटरनेट सेवाएं अस्थायी रूप से रोक दी गई हैं ताकि अफवाहें न फैलें।
अधिकारियों के अनुसार, हालात पर करीब से नजर रखी जा रही है और शांति बहाल करने की कोशिशें जारी हैं।






