Unnao Tragic Incident : उन्नाव जिले के गंगाघाट क्षेत्र में सोमवार की शाम एक ऐसी घटना घटी जिसने पूरे गांव को भावुक और स्तब्ध कर दिया। पारिवारिक तनाव और आर्थिक मदद न मिलने से परेशान एक युवक ने फांसी लगाकर अपनी जान ले ली।
चौंकाने वाली बात यह है कि अंतिम संस्कार के मात्र सात घंटे बाद उसकी पत्नी ने एक बेटे को जन्म दिया, जिससे माहौल और भी संवेदनशील हो गया।
विवाह को ज्यादा समय नहीं बीता—गहरा तनाव बना कारण
बेचेलाल नामक युवक की शादी इसी वर्ष काजल से हुई थी। शादी के कुछ समय बाद ही काजल गर्भवती हो गई।
डिलीवरी के खर्च को लेकर बेचेलाल ने अपने पिता से सहायता मांगी, लेकिन मना किए जाने पर वह मानसिक रूप से टूट गया।
पुलिस के अनुसार, सोमवार शाम वह घर से दूर एक बाग में गया और वहां फांसी लगा ली।
परिवार की आंखों के सामने बदला माहौल—शवयात्रा से अस्पताल की दौड़
मंगलवार की शाम जब अंतिम संस्कार किया जा रहा था, तभी काजल को अचानक तेज प्रसव पीड़ा हुई।
परिजन तुरंत उन्हें अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां रात होते-होते उन्होंने बेटे को जन्म दे दिया।
परिवार के कई लोगों ने कहा कि “चिता की आग ठंडी भी नहीं हुई थी और घर में एक नए जीवन की आवाज गूंज उठी।”
यह दृश्य कई ग्रामीणों के लिए भावनात्मक रूप से भारी पड़ गया।
दोनों परिवारों के आरोप—कौन किस पर था दबाव?
घटना के बाद आरोपों का दौर शुरू हो गया है।
काजल के मायके पक्ष का कहना है कि बेचेलाल पिता और बहनोई की प्रताड़ना से परेशान था, जबकि दूसरी ओर बेचेलाल के पिता का कहना है कि ससुराल से लगातार आर्थिक दबाव बढ़ रहा था।
पुलिस फिलहाल दोनों पक्षों के दावों की जांच कर रही है।
गांव में शोक और सवाल—आखिर कौन जिम्मेदार?
गांव में इस घटना को लेकर शोक और चर्चा दोनों जारी हैं।
कई ग्रामीणों का कहना है कि युवा दंपति को समय रहते सही सहायता मिल जाती, तो शायद यह त्रासदी टल सकती थी।
स्थानीय स्तर पर भी मानसिक तनाव और आर्थिक बोझ के मामलों को गंभीरता से लेने की जरूरत पर सवाल उठने लगे हैं।






