सीजी भास्कर 12 दिसंबर : CG Police Constable Recruitment Dispute को लेकर प्रदेश में गुरुवार को नई हलचल दिखी। पुलिस आरक्षक भर्ती के घोषित परिणाम के बाद सैकड़ों अभ्यर्थी अपने परिजनों के साथ हाई कोर्ट, बिलासपुर पहुंचे, जहां चयन प्रक्रिया में हुई कथित अनियमितताओं के खिलाफ याचिका दायर की गई।
अभ्यर्थियों का कहना है कि कई जिलों में एक ही श्रेणी में कम अंक वाले चयनित, जबकि ज्यादा अंक वाले अभ्यर्थी सूची से बाहर कर दिए गए। इतना ही नहीं, कुछ उम्मीदवारों के नाम एक ही जिले में सामान्य और OBC दोनों प्रतीक्षा सूची में पाए गए, जिससे प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े हुए हैं।
अभ्यर्थियों की मांग है कि जब तक जांच पूरी न हो जाए, तब तक किसी भी तरह के नियुक्ति आदेश जारी न किए जाएं।
“शारीरिक परीक्षा के अंक क्यों छिपाए गए?”—प्रक्रिया की पारदर्शिता पर उठ रहे सवाल
भर्ती विवाद के बीच युवाओं का गुस्सा लगातार बढ़ रहा है। कई अभ्यर्थियों ने कहा कि जब लिखित परीक्षा के अंक सार्वजनिक कर दिए गए, तो फिजिकल टेस्ट के अंक अब तक क्यों जारी नहीं किए गए?
युवाओं का यह भी आरोप है कि भर्ती में “गड़बड़ी का पैटर्न” साफ दिख रहा है, क्योंकि बड़े स्तर पर अंकों में अंतर, प्रतीक्षा सूची में दोहरी प्रविष्टियाँ और जिलेवार चयन में भारी विसंगतियाँ सामने आई हैं।
विजय शर्मा का बयान—“गड़बड़ी करने वालों को छोड़ेंगे नहीं, तीन दिनों में सुनवाई”
उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने इस पूरे विवाद पर कहा कि पिछली सरकार परीक्षा आयोजित करने में विफल रही थी, जबकि वर्तमान सरकार ने इसे पूरा कराया।
उन्होंने आश्वासन दिया कि यदि किसी भी प्रकार की गड़बड़ी साबित होती है, तो जिम्मेदार लोगों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने यह भी बताया कि विभाग की समीक्षा के बाद अगले तीन दिनों में अभ्यर्थियों की शिकायतें मुख्यालय में सुनी जाएंगी। इसके साथ ही सब-इंस्पेक्टर परीक्षा की तैयारियां भी अंतिम चरण में हैं।
2018 CAF भर्ती के चयनित अभ्यर्थियों ने भी उठाई आवाज, गृह मंत्री से की मुलाकात
इसी बीच, छत्तीसगढ़ आर्म फोर्स (CAF) भर्ती के उम्मीदवार भी लंबे इंतजार से परेशान हैं। गुरुवार को कई अभ्यर्थी अपने स्वजनों के साथ गृह मंत्री से मिले और वर्ष 2018 की प्रतीक्षा सूची में शामिल उम्मीदवारों को नियुक्ति पत्र जारी करने की मांग रखी।
इन अभ्यर्थियों ने बताया कि वे पिछले सात वर्षों से नियुक्ति की प्रतीक्षा कर रहे हैं, जबकि उनकी सूची अभी भी लंबित है। उन्होंने कहा कि अब विभाग को इस मामले में स्पष्ट फैसला लेना चाहिए।


