WhatsApp Call Location Risk: आज के डिजिटल दौर में व्हाट्सऐप कॉल रोज़मर्रा की जरूरत बन चुका है, लेकिन बहुत कम यूजर्स जानते हैं कि कॉल के दौरान उनकी डिजिटल पहचान सामने आ सकती है। तकनीकी जानकारों के अनुसार, अगर जरूरी सुरक्षा सेटिंग सक्रिय नहीं है तो कॉल के समय यूजर का आईपी एड्रेस साझा हो सकता है, जिससे लोकेशन का अनुमान लगाया जाना संभव हो जाता है।
क्यों जरूरी है अतिरिक्त सुरक्षा
आईपी एड्रेस इंटरनेट पर आपकी पहचान की तरह काम करता है। इसी आधार पर कोई भी व्यक्ति यह समझ सकता है कि आप किस इलाके या शहर से कॉल कर रहे हैं। यही वजह है कि साइबर अपराधी, स्कैमर या अनजान लोग (WhatsApp Call Location Risk) का फायदा उठाने की कोशिश कर सकते हैं, खासकर तब जब कॉल किसी अज्ञात नंबर से जुड़ी हो।
व्हाट्सऐप का सेफ्टी फीचर क्या करता है
इस जोखिम को कम करने के लिए व्हाट्सऐप ने ‘प्रोटेक्ट आईपी एड्रेस इन कॉल्स’ नाम का एक प्राइवेसी फीचर दिया है। यह फीचर चालू होने पर कॉल सीधे व्हाट्सऐप के सर्वर के जरिए कनेक्ट होती है, जिससे यूजर का आईपी एड्रेस सामने नहीं आता और लोकेशन ट्रैक होने की संभावना काफी हद तक घट जाती है।
सेटिंग कैसे करें ऑन
इस सुरक्षा विकल्प को चालू करने की प्रक्रिया बेहद सरल है।
व्हाट्सऐप ऐप खोलें → ऊपर दिए गए तीन डॉट्स पर टैप करें → Settings में जाएं → Privacy चुनें → Advanced सेक्शन खोलें → यहां ‘Protect IP Address in Calls’ का विकल्प मिलेगा, जिसे ऑन किया जा सकता है। कुछ सेकंड में यह सेटिंग सक्रिय हो जाती है।
किन यूजर्स के लिए ज्यादा जरूरी
साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि जो लोग अक्सर अनजान नंबरों से कॉल पर बात करते हैं या जिनकी डिजिटल गोपनीयता अहम है, उनके लिए यह फीचर बेहद जरूरी है। यह छोटा-सा कदम आपकी ऑनलाइन सुरक्षा को मजबूत करता है और (WhatsApp Call Location Risk) से बचाव में मदद करता है।
समय रहते सावधानी ही बचाव
डिजिटल दुनिया में छोटी-सी लापरवाही भी बड़ी परेशानी बन सकती है। इसलिए व्हाट्सऐप यूजर्स को सलाह दी जाती है कि वे इस सेफ्टी फीचर को तुरंत सक्रिय करें और कॉलिंग के दौरान अपनी निजी जानकारी को सुरक्षित रखें।






