सीजी भास्कर 14 दिसम्बर SIR Voter Mapping Error : देशभर में चल रही मतदाता सत्यापन प्रक्रिया के दौरान उत्तर प्रदेश के गाजीपुर से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां एक ही परिवार के करीब 25 सदस्यों के नाम SIR प्रक्रिया के दौरान मैपिंग में बदलते नजर आए, जिससे पूरे परिवार का सत्यापन अटक गया।
2003 की सूची में नाम, फिर भी सिस्टम में गड़बड़ी
परिवार का कहना है कि 2003 की मतदाता सूची में उनके सभी नाम दर्ज हैं और उसी आधार पर उन्हें SIR फॉर्म भी उपलब्ध कराए गए। फॉर्म भरकर समय पर BLO को सौंपे गए, लेकिन जब डिजिटल मैपिंग की बारी आई, तब समस्या सामने आई।
मैपिंग में दिखे दूसरे नाम, परिवार हैरान
मैपिंग के दौरान पाया गया कि फॉर्म पर दर्ज नाम सिस्टम में दिखाई नहीं दे रहे थे। उनकी जगह अन्य व्यक्तियों के नाम शो हो रहे थे। इस वजह से पूरे परिवार का सत्यापन रुक गया और कई दिनों तक कोई स्पष्ट जवाब नहीं मिला।
शिकायत के बाद पहुंचा मामला निर्वाचन अधिकारियों तक
समस्या से परेशान परिवार ने स्थानीय स्तर पर अपनी बात रखी और अंततः मामला निर्वाचन अधिकारियों तक पहुंचा। अधिकारियों ने लिखित शिकायत लेकर पूरे प्रकरण को समझा और तकनीकी सुधार का भरोसा दिलाया।
रेयर तकनीकी केस, एडिट का विकल्प मौजूद: अधिकारी
अपर निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि कुछ दुर्लभ मामलों में इस तरह की तकनीकी गड़बड़ी सामने आती है। ऐसे मतदाताओं के लिए डेटा एडिट का विकल्प होता है, जिसके जरिए नामों को सही किया जा सकता है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि मैपिंग के दौरान किसी भी प्रकार का भेदभाव नहीं किया जाता।
परिवार को मिला आश्वासन, जल्द सुधार की उम्मीद
अधिकारियों के आश्वासन के बाद परिवार को उम्मीद है कि जल्द ही उनके नाम सही तरीके से मैप हो जाएंगे और SIR प्रक्रिया पूरी हो सकेगी। फिलहाल यह मामला SIR सिस्टम की तकनीकी पारदर्शिता और निगरानी पर सवाल जरूर खड़े करता है।





