सीजी भास्कर, 21 दिसंबर। अवैध शराब की रोकथाम के लिए शनिवार को कोरबा जिले के भैसमा गांव में आबकारी टीम (Excise Team) पहुंची, लेकिन ग्रामीणों के आक्रोश ने स्थिति को तनावपूर्ण बना दिया। टीम प्रभारी नारायण सिंह कंवर के नेतृत्व में स्कार्पियो वाहन से आए कर्मचारियों को ग्रामीणों ने घेर लिया और प्रभारी कंवर को बंधक बना लिया।
ग्रामीणों का आरोप था कि मुखबिर प्रमोद देवांगन वसूली करता है। इसी नाराजगी में उन्होंने मुखबिर पर जमकर पिटाई की और टीम के वाहन को भी क्षतिग्रस्त कर दिया। घटना के तुरंत बाद आबकारी टीम (Excise Team) के अन्य सदस्यों ने उच्च अधिकारियों को सूचित किया और आपातकालीन 112 टीम को बुलाया गया।
स्थिति गंभीर होने पर उरगा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और लंबे समझाने के बाद प्रभारी कंवर को सुरक्षित बाहर निकाला। हालांकि इस घटना पर आबकारी विभाग ने कोई रिपोर्ट दर्ज नहीं कराई। वहीं, मुखबिर के खिलाफ ग्रामीणों की शिकायत पर भयादोहन का मामला दर्ज किया गया है।
घटना के दौरान आबकारी टीम (Excise Team) का मुख्य उद्देश्य अवैध शराब की बिक्री रोकना और जांच करना था। टीम प्रभारी ने बताया कि ग्रामीणों की हिंसक प्रतिक्रिया और मुखबिर पर आरोपों के कारण अभियान बाधित हो गया। उन्होंने यह भी कहा कि भविष्य में ऐसी घटनाओं से निपटने के लिए स्थानीय पुलिस और प्रशासन के साथ समन्वय और सुरक्षा बढ़ाई जाएगी।
ग्रामीणों का कहना है कि मुखबिर प्रमोद देवांगन के वसूली के कारण उनकी नाराजगी चरम पर थी। इस पूरे घटनाक्रम ने न केवल आबकारी टीम (Excise Team) की सुरक्षा पर सवाल खड़ा किया है, बल्कि अवैध शराब विरोधी अभियानों की प्रक्रिया को भी चुनौती दी है। प्रशासन ने स्थिति को शांत करने के लिए अतिरिक्त निगरानी बढ़ा दी है और आगे ऐसी घटनाओं से बचने के लिए स्थानीय स्तर पर जागरूकता बढ़ाने की योजना बनाई जा रही है।


