Mega Health Camp Raipur 2025 : राजधानी रायपुर के आयुर्वेदिक कॉलेज परिसर में 18 से 22 दिसंबर तक आयोजित मेगा हेल्थ कैंप 2025 ने जनसेवा की एक मजबूत मिसाल पेश की। पांच दिन चले इस शिविर में रोज़ हजारों लोग पहुंचे और बिना किसी शुल्क के जांच, परामर्श और इलाज की सुविधा प्राप्त की।
बच्चों के लिए विशेष स्वर्ण प्राशन कार्यक्रम
शिविर के चौथे दिन आयुर्वेद विभाग की ओर से 0 से 16 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों के लिए स्वर्ण प्राशन कार्यक्रम आयोजित किया गया। विशेषज्ञों के अनुसार यह प्रक्रिया बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने, बार-बार होने वाले संक्रमण से बचाव और समग्र विकास में सहायक मानी जाती है। इस दौरान कुल 1200 बच्चों को स्वर्ण प्राशन कराया गया। (Child Health Program Raipur)
जनप्रतिनिधियों ने लिया व्यवस्थाओं का जायजा
कार्यक्रम में महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े स्वयं उपस्थित रहीं। उन्होंने शिविर का निरीक्षण किया और विभिन्न चिकित्सा इकाइयों की व्यवस्थाओं को देखा। उनके साथ मेडिकल सर्विसेज कॉरपोरेशन के अध्यक्ष दीपक म्हसके और रायपुर पश्चिम विधायक राजेश मूणत भी मौजूद रहे।
स्वस्थ समाज की दिशा में सरकार का संदेश
निरीक्षण के दौरान मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि स्वस्थ समाज की नींव बचपन से मजबूत करना आवश्यक है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार नागरिकों के स्वास्थ्य को प्राथमिकता देते हुए ऐसे शिविरों के माध्यम से सुविधाएं आमजन तक पहुंचा रही है। विधायक राजेश मूणत ने कहा कि उद्देश्य यही है कि इलाज के अभाव में कोई भी पीछे न रहे।
देशभर से पहुंचे अनुभवी चिकित्सक
मेगा हेल्थ कैंप में देश के 42 प्रतिष्ठित अस्पतालों से आए 55 विशेषज्ञ डॉक्टरों ने सेवाएं दीं। मुंबई, दिल्ली, बेंगलुरु, हैदराबाद और सिकंदराबाद से पहुंचे विशेषज्ञों ने जटिल और गंभीर बीमारियों की गहन जांच कर मरीजों को परामर्श दिया।
आधुनिक जांच सुविधाएं पूरी तरह निःशुल्क
शिविर में एमआरआई, सीटी स्कैन, एक्स-रे, सोनोग्राफी, ईसीजी, इको और पैथोलॉजी जांच पूरी तरह निःशुल्क की गईं। महिलाओं के लिए स्तन कैंसर, मुख, गला और बच्चेदानी के कैंसर की विशेष जांच सुविधा भी उपलब्ध कराई गई, जिससे समय पर बीमारी की पहचान संभव हो सकी।
तकनीक और संवेदनशीलता का संगम
दंत विभाग में आधुनिक तकनीक से जांच कर तुरंत रिपोर्ट उपलब्ध कराई गई। वहीं दिव्यांगजनों के लिए जयपुर पैर, कृत्रिम अंग, ट्राइसाइकिल, व्हीलचेयर, बैसाखी और श्रवण यंत्र निःशुल्क वितरित किए गए, जिससे उनके दैनिक जीवन में सहूलियत मिल सके।
सेवा भाव से संभाली गई व्यवस्थाएं
पंजीयन से लेकर जांच और परामर्श तक पूरी व्यवस्था सुचारू रखने के लिए बड़ी संख्या में पैरामेडिकल स्टाफ और स्वयंसेवक तैनात रहे। मरीजों के लिए भोजन, नाश्ता और फल की भी निःशुल्क व्यवस्था की गई, जिससे उन्हें किसी प्रकार की असुविधा न हो।
जनसेवा का सशक्त उदाहरण बना आयोजन
मेगा हेल्थ कैंप 2025 में हजारों लोगों ने विभिन्न चिकित्सा सेवाओं का लाभ उठाया। यह आयोजन केवल इलाज तक सीमित नहीं रहा, बल्कि स्वास्थ्य, सेवा और मानवीय संवेदनाओं को जोड़ने वाला एक प्रभावशाली जनकल्याण मॉडल बनकर सामने आया।


