सीजी भास्कर, 23 दिसंबर। नक्सल मामलों को लेकर बड़ी और निर्णायक खबर सामने आई है। ओडिशा में छत्तीसगढ़ के 22 नक्सलियों ने पुलिस के सामने सरेंडर (Naxal Surrender) किया है। यह सामूहिक आत्मसमर्पण नक्सल विरोधी अभियान की दिशा में एक अहम उपलब्धि माना जा रहा है। सरेंडर करने वाले सभी नक्सली एके-47, इंसास राइफल सहित कुल नौ अत्याधुनिक हथियारों के साथ पहुंचे थे। इन नक्सलियों पर कुल एक करोड़ 84 लाख 25 हजार रुपए का इनाम घोषित था, जो इस कार्रवाई की गंभीरता को दर्शाता है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, आत्मसमर्पण करने वाले नक्सली लंबे समय से सक्रिय थे और कई हिंसक घटनाओं में शामिल रहे हैं। बताया गया है कि ये सभी नक्सली बस्तर संभाग में हुई विभिन्न आपराधिक और नक्सली वारदातों में संलिप्त रह चुके हैं। इन पर हत्या, विस्फोट, आगजनी और सुरक्षाबलों पर हमले जैसे गंभीर मामलों में अपराध दर्ज हैं। लगातार दबाव और सुरक्षा बलों की रणनीतिक कार्रवाई के चलते इन नक्सलियों ने अंततः सरेंडर (Naxal Surrender) का रास्ता चुना।
छत्तीसगढ़ में बीते कुछ समय से नक्सलियों के आत्मसमर्पण का सिलसिला तेज हुआ है। राज्य के गृहमंत्री विजय शर्मा पहले ही नक्सलियों से मुख्यधारा में लौटने की अपील कर चुके हैं। उन्होंने स्पष्ट किया है कि सरकार पुनर्वास की नीति के तहत आत्मसमर्पण करने वालों को अवसर दे रही है, लेकिन हिंसा का रास्ता चुनने वालों को सुरक्षाबलों का सख्त जवाब मिलेगा।
केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने मार्च 2026 से पहले छत्तीसगढ़ सहित पूरे देश को नक्सलमुक्त करने का संकल्प दोहराया है। इसी रणनीति के तहत लगातार अभियान, मुठभेड़ और दबाव के कारण नक्सली संगठन कमजोर पड़ रहे हैं और बड़े पैमाने पर सरेंडर (Naxal Surrender) की घटनाएं सामने आ रही हैं।


