सीजी भास्कर 26 दिसम्बर Chhattisgarh Road Accidents : छत्तीसगढ़ में बीते 24 घंटे के भीतर हुए सड़क हादसों ने एक बार फिर यातायात व्यवस्था और लापरवाही की भयावह सच्चाई सामने ला दी है। अलग-अलग जिलों में हुए पांच गंभीर हादसों में कांग्रेस नेता और शिक्षक समेत कुल 8 लोगों की मौत हो गई, जबकि कई लोग अब भी अस्पताल में जिंदगी और मौत से जूझ रहे हैं।
(Chhattisgarh Road Accidents) अब सिर्फ आंकड़ा नहीं, बल्कि हर घर का डर बनता जा रहा है।
सारंगढ़-बिलाईगढ़: तेज रफ्तार और नशे ने छीनी दो जिंदगियां
सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के बिलाईगढ़ थाना क्षेत्र में तेज रफ्तार का कहर सबसे ज्यादा देखने को मिला। दुम्हारी मोड़ के पास एक कार अनियंत्रित होकर धान से लदे ट्रक में जा घुसी।
इस दर्दनाक टक्कर में कांग्रेस नेता यशवंत कुमार टंडन (37) और शिक्षक रूपेंद्र कुमार देवांगन (35) की मौके पर ही मौत हो गई।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार टक्कर इतनी जोरदार थी कि कार पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। शिक्षक का शव स्टीयरिंग में फंसा रहा, जिसे बाहर निकालने में पुलिस और स्थानीय लोगों को कड़ी मशक्कत करनी पड़ी।
अंबिकापुर: रिंग रोड पर खड़े ट्रक से टकराई बाइक
अंबिकापुर में 25 दिसंबर की रात नमनाकला रिंग रोड पर एक और दर्दनाक हादसा हुआ। तेज रफ्तार बाइक सड़क किनारे खड़े ट्रक से जा टकराई।
इस हादसे में मेल प्रकाश तिर्की (26) और बृजेश लकड़ा (25) की मौत हो गई।
स्थानीय लोगों का कहना है कि रिंग रोड पर खड़े भारी वाहन अक्सर हादसों की वजह बनते हैं, लेकिन चेतावनी और निगरानी की व्यवस्था न के बराबर है।
बलरामपुर-रामानुजगंज: संकरी सड़क बनी जानलेवा
बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के सनवाल इलाके में बाइक और ट्रैक्टर की आमने-सामने भिड़ंत ने दो परिवारों को उजाड़ दिया।
हादसे में दो युवकों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि तीसरा युवक गंभीर रूप से घायल है।
सड़क के दोनों ओर रेत और धान का पुआल जमा होने से रास्ता संकरा हो गया था, जिसे हादसे की बड़ी वजह माना जा रहा है।
दुर्ग: काम पर जाती महिला को ट्रक ने कुचला
दुर्ग जिले के पुलगांव चौक पर शुक्रवार सुबह एक दिल दहला देने वाला हादसा सामने आया। काम पर जा रही उत्तरा (50) को तेज रफ्तार ट्रक ने कुचल दिया।
हादसे के बाद चालक ट्रक लेकर मौके से फरार हो गया।
उत्तरा केपीएस स्कूल में सफाई कर्मचारी थीं। घटना के बाद इलाके में आक्रोश का माहौल है और पुलिस आरोपी चालक की तलाश में जुटी हुई है।
लगातार बढ़ते हादसे, सिस्टम पर सवाल
एक ही दिन में हुए इतने हादसों ने साफ कर दिया है कि तेज रफ्तार, नशे में ड्राइविंग और अव्यवस्थित सड़कें अब जानलेवा बन चुकी हैं।
पुलिस ने सभी मामलों में जांच शुरू कर दी है और लोगों से सावधानी बरतने की अपील की है, लेकिन सवाल यही है—क्या अपीलें काफी हैं?


