सीजी भास्कर, 27 दिसंबर। राजधानी रायपुर के मैग्नेटो मॉल में क्रिसमस सजावट को लेकर हुई तोड़फोड़ के मामले में पुलिस ने सख्त कार्रवाई करते हुए 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनमें एक नाबालिग भी शामिल है। यह मामला अब मैग्नेटो मॉल तोड़फोड़ केस (Magneto Mall Vandalism Case) के रूप में प्रदेशभर में चर्चा का विषय बन गया है। पुलिस की इस कार्रवाई के विरोध में बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने सामूहिक गिरफ्तारी देने का ऐलान किया है, जिससे शहर का माहौल तनावपूर्ण हो गया है।
घटना 24 दिसंबर की बताई जा रही है, जब मैग्नेटो मॉल में क्रिसमस पर्व को लेकर की गई सजावट पर कुछ युवकों ने आपत्ति जताई और वहां तोड़फोड़ की। इस पूरी घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होते ही मामला तेजी से तूल पकड़ने लगा। वीडियो सामने आने के बाद तेलीबांधा थाना पुलिस ने तत्काल एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की थी।
पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और वायरल वीडियो के आधार पर आरोपियों की पहचान करते हुए 7 लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, एक आरोपी नाबालिग है, जिसे बाल न्याय अधिनियम के तहत विधि से संघर्षरत बालक मानते हुए निरुद्ध किया गया है। शेष आरोपियों से लगातार पूछताछ की जा रही है और पुलिस यह भी जांच कर रही है कि घटना के पीछे किसी संगठित साजिश की भूमिका तो नहीं थी।
इधर, बजरंग दल ने पुलिस की कार्रवाई पर नाराजगी जाहिर करते हुए इसे एकतरफा बताया है। संगठन का कहना है कि धार्मिक भावनाओं से जुड़े मामले में पुलिस ने जल्दबाजी में कार्रवाई की है। इसी के विरोध में बजरंग दल के कार्यकर्ता सिविल लाइन थाना पहुंचकर स्वेच्छा से गिरफ्तारी देने की तैयारी में हैं। इस संभावित प्रदर्शन को देखते हुए सिविल लाइन थाना परिसर और आसपास के इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया है।
कांकेर में भी तनाव, मतांतरण के विरोध में बंद
उधर, कांकेर जिले में कथित मतांतरण (Magneto Mall Vandalism Case) के मामलों को लेकर स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है। सर्व समाज की ओर से मतांतरण के विरोध में बंद का आह्वान किया गया, जिसका व्यापक असर देखने को मिला। कई इलाकों में दुकानें बंद रहीं और जनजीवन प्रभावित हुआ। सर्व समाज के प्रतिनिधियों ने प्रशासन से मतांतरण की घटनाओं पर रोक लगाने और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में सामने आ रहे इन संवेदनशील मामलों को देखते हुए पुलिस और प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में हैं और शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए लगातार निगरानी की जा रही है।




