सीजी भास्कर, 28 दिसंबर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय भिलाई के जयंती स्टेडियम मैदान में आयोजित पांच दिवसीय दिव्य हनुमंत कथा (Divya Hanumant Katha) समारोह में सपत्निक सम्मिलित हुए। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ के लिए यह सौभाग्य की बात है कि देशभर में आध्यात्मिक चेतना का संदेश देने वाले पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री का सान्निध्य प्रदेश को लगातार मिल रहा है।
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में छत्तीसगढ़ की धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रभु राम ने अपने वनवास काल का बड़ा हिस्सा इसी धरती पर बिताया था। छत्तीसगढ़ माता शबरी की तपोभूमि है, जहां उनके सच्चे भक्ति भाव से प्रभु राम ने जूठे बेर स्वीकार किए थे। यह भूमि आस्था, त्याग और सेवा की जीवंत मिसाल है, जिसकी झलक दिव्य हनुमंत कथा (Divya Hanumant Katha) जैसे आयोजनों में स्पष्ट रूप से दिखाई देती है।
मुख्यमंत्री ने अयोध्या धाम दर्शन योजना का जिक्र करते हुए बताया कि अब तक 38 हजार से अधिक श्रद्धालुओं को प्रभु राम के दर्शन कराए जा चुके हैं और यह सिलसिला निरंतर जारी है। साथ ही उन्होंने कहा कि विगत पांच वर्षों से बंद पड़ी मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा दर्शन योजना को पुनः प्रारंभ किया गया है, जिसके अंतर्गत अब तक 5 हजार से अधिक बुजुर्ग श्रद्धालु देश के 19 प्रमुख तीर्थ स्थलों के दर्शन कर चुके हैं।
महिला सशक्तिकरण पर बोलते हुए मुख्यमंत्री ने महतारी वंदन योजना का उल्लेख किया, जिसके तहत 70 लाख से अधिक महिलाओं को प्रतिमाह एक हजार रुपये की सहायता दी जा रही है। उन्होंने सारंगढ़ जिले के ग्राम दानसरा का उदाहरण देते हुए बताया कि वहां की महिलाओं ने योजना की राशि एकत्र कर प्रभु राम मंदिर निर्माण का संकल्प लिया है, जो सामाजिक सहभागिता का प्रेरक उदाहरण है।
विधानसभा अध्यक्ष रमन सिंह ने कहा कि पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री द्वारा प्रस्तुत अखंड भारत की कल्पना जनमानस में नई चेतना जगा रही है और यह समय भारत को विश्वगुरु बनाने की दिशा में आगे बढ़ने का है। कार्यक्रम के अंत में मुख्यमंत्री ने सपत्निक आरती में भाग लिया और प्रदेश की सुख-समृद्धि व खुशहाली की कामना की। दिव्य हनुमंत कथा (Divya Hanumant Katha) का आयोजन 25 से 29 दिसंबर 2025 तक सेवा समर्पण समिति द्वारा किया जा रहा है, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु सहभागिता कर रहे हैं।


