सीजी भास्कर, 28 दिसंबर। भारतीय रेलवे द्वारा अगले पाँच वर्षों में देश के 48 प्रमुख शहरों में रेलगाड़ियों की संचालन क्षमता को दोगुना करने की महत्वाकांक्षी योजना (Railway Capacity Expansion) में छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर को शामिल किया गया है। इस ऐतिहासिक निर्णय का स्वागत करते हुए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इसे राज्य के यात्रियों के लिए बड़ा तोहफ़ा बताया और कहा कि इससे छत्तीसगढ़ की कनेक्टिविटी, व्यापार, उद्योग और पर्यटन गतिविधियों को मजबूती मिलेगी।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारतीय रेलवे का व्यापक आधुनिकीकरण हो रहा है। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव द्वारा घोषित यह योजना छत्तीसगढ़ जैसे उभरते राज्य के लिए दूरगामी लाभ लेकर आएगी। उन्होंने कहा कि रायपुर जंक्शन राज्य का प्रमुख रेल केंद्र है, जहां प्रतिदिन लाखों यात्री आवागमन करते हैं। रेल संचालन क्षमता दोगुनी होने से यात्रियों को अधिक ट्रेनों की सुविधा, बेहतर आवृत्ति और कम भीड़भाड़ का लाभ मिलेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि रायपुर के साथ-साथ राज्य के अन्य औद्योगिक और वाणिज्यिक नगरों के लिए भी यह योजना अत्यंत लाभकारी सिद्ध होगी। रेल संरचना के विस्तार से निवेश, रोजगार और लॉजिस्टिक्स की सुगमता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी। इससे राज्य की अर्थव्यवस्था को नई रफ्तार मिलेगी और छत्तीसगढ़ राष्ट्रीय विकास धारा में और अधिक मजबूती से जुड़ेगा।
रेल मंत्रालय द्वारा जारी जानकारी के अनुसार वर्ष 2030 तक रेल संचालन क्षमता को दोगुना (Railway Capacity Expansion) करने के लिए मौजूदा टर्मिनलों पर अतिरिक्त प्लेटफॉर्म, पिट लाइन और स्टेबलिंग लाइन का निर्माण किया जाएगा। इसके साथ ही शहरी क्षेत्रों और आसपास नए टर्मिनलों की स्थापना, सिग्नलिंग और यार्ड का आधुनिकीकरण तथा मल्टी-ट्रैकिंग के माध्यम से अनुभागीय क्षमता में वृद्धि की जाएगी। इसके अलावा मेगा कोचिंग कॉम्प्लेक्स और आधुनिक रखरखाव सुविधाओं का भी विकास किया जाएगा।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि रायपुर में इन सुविधाओं के विकसित होने से आम यात्रियों के साथ-साथ छात्रों, मरीजों, उद्योगपतियों और व्यापारियों सभी वर्गों को राहत मिलेगी। राज्य सरकार रेलवे मंत्रालय के साथ समन्वय स्थापित कर इस योजना को तेज गति से धरातल पर उतारने के लिए हरसंभव सहयोग देगी।
उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले वर्षों में छत्तीसगढ़ देश के सर्वाधिक बेहतर रेल संपर्क वाले राज्यों में शामिल होगा और यह परिवर्तन “विकसित भारत @2047” के संकल्प को सशक्त करेगा।
उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ में वर्तमान में 41 हजार करोड़ रुपये की लागत से रेलवे सुविधाओं के विस्तार का कार्य तेजी से चल रहा है। इसमें रेलवे ट्रैक का विस्तार, रेलवे लाइन का दोहरीकरण, रेलवे फ्लाईओवर और ब्रिज का निर्माण शामिल है। केंद्र सरकार ने इस वर्ष के बजट में छत्तीसगढ़ में रेलवे सुविधा विकास के लिए 6,925 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है, जिससे रेल परियोजनाओं को गति मिलेगी।
छत्तीसगढ़ में रेलवे के उन्नयन और विकास के लिए 41,000 करोड़ रुपये के निवेश से नई रेल लाइनों, रेलवे फ्लाईओवर और अन्य बुनियादी ढांचे का तेजी से विस्तार किया जा रहा है। राज्य में रेलवे का शत-प्रतिशत इलेक्ट्रिफिकेशन पूरा हो चुका है, जिससे ऊर्जा दक्षता बढ़ी है और परिचालन लागत में कमी आई है।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव को छत्तीसगढ़ की रेल कनेक्टिविटी मजबूत करने के लिए धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में राज्य को अभूतपूर्व रेल परियोजनाओं की सौगात मिली है, जो छत्तीसगढ़ के विकास को नई ऊंचाइयों तक ले जाएंगी।
राज्य सरकार और केंद्र सरकार के बीच बेहतर समन्वय के कारण छत्तीसगढ़ में रेलवे नेटवर्क विस्तार की ऐतिहासिक पहल (Railway Capacity Expansion) हो रही है। इससे यात्री सुविधाओं में सुधार के साथ-साथ औद्योगिक, खनिज और आर्थिक विकास को भी बढ़ावा मिलेगा। रेलवे नेटवर्क विस्तार से न केवल यात्री परिवहन बल्कि खनिज संपदा और औद्योगिक उत्पादों के निर्यात में भी तेजी आएगी, जिससे व्यापार और निवेश को प्रोत्साहन मिलेगा।
छत्तीसगढ़ में दीर्घकालिक रेलवे विकास के लिए रावघाट-जगदलपुर, धरमजयगढ़-लोहरदगा और खरसिया-नया रायपुर-परमलकसा जैसी नई रेल परियोजनाओं पर कार्य प्रगति पर है। रावघाट रेलवे लाइन के अंतर्गत दल्लीराजहरा-अंतागढ़ सेक्शन चालू हो चुका है और यात्री ट्रेनों का संचालन प्रारंभ हो गया है। इससे भिलाई इस्पात संयंत्र को लौह अयस्क की आपूर्ति के साथ-साथ ग्रामीणों को किफायती परिवहन सुविधा मिल रही है।
इसी तरह के.के. रेल लाइन दोहरीकरण परियोजना के तहत 170 किमी में से 148 किमी का कार्य पूर्ण हो चुका है, जिससे बस्तर और दंतेवाड़ा जिले की कनेक्टिविटी में सुधार हुआ है। 4,021 करोड़ रुपये की लागत वाली डोंगरगढ़-कवर्धा-कटघोरा रेल लाइन, कोरबा-अंबिकापुर नई रेल लाइन और गढ़चिरौली-बीजापुर-बचेली जैसी परियोजनाएं राज्य के औद्योगिक और आर्थिक विकास को नई दिशा देंगी।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में प्राप्त ऐतिहासिक रेलवे बजट से छत्तीसगढ़ की अर्थव्यवस्था, औद्योगिक विकास और यात्री सुविधाओं को नया आयाम मिलेगा और राज्य सरकार इस विकास यात्रा को आगे बढ़ाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।


