सीजी भास्कर, 28 दिसंबर। कांग्रेस पार्टी ने मनरेगा (MNREGA) को समाप्त करके जी राम जी लागू करने के सरकार के फैसले के खिलाफ पांच जनवरी से देशभर में अभियान (Protest Campaign) शुरू करने की घोषणा की है।
कांग्रेस कार्यसमिति (CWC) की शनिवार को हुई बैठक में यह निर्णय लिया गया। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि सरकार गरीबों के हक (Rights of Poor) को छीनने का प्रयास कर रही है और जनता का गुस्सा (Public Anger) इसका सामना करेगा।
खरगे ने बताया, “मनरेगा (MNREGA) ने कोरोना काल में लाखों लोगों को रोजगार (Employment Guarantee) दिया और ग्रामीण क्षेत्रों में पलायन को रोका। अगर यह योजना नहीं होती, तो लाखों लोग आर्थिक संकट का सामना कर रहे होते।” बैठक में शामिल सभी नेताओं ने शपथ ली कि किसी भी कीमत पर मनरेगा की रक्षा की जाएगी।
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने कहा कि मनरेगा (MNREGA) खत्म करने का यह कदम संघीय ढांचे (Federal Structure) और पंचायती राज (Panchayati Raj) व्यवस्था को कमजोर करने वाला है। उन्होंने चेताया कि इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था (Rural Economy) को भारी नुकसान होगा। उन्होंने इसे पीएम मोदी का अनियोजित निर्णय बताते हुए कहा कि पार्टी सड़क से संसद तक इस फैसले के खिलाफ संघर्ष करेगी।
बैठक में एसआइआर (Voter List Revision), वोट चोरी, बांग्लादेश में हिंदुओं की हत्या और अरावली संरक्षण जैसे मुद्दों पर भी चर्चा हुई। बांग्लादेश में हिंदुओं की हत्या पर समिति ने गहरी चिंता जताई।
कार्यसमिति में पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी, हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू, तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी, पार्टी महासचिव केसी वेणुगोपाल, जयराम रमेश, शशि थरूर और दिग्विजय सिंह समेत कई वरिष्ठ नेता उपस्थित थे।
बैठक में यह तय किया गया कि पार्टी गरीबों के अधिकारों की रक्षा के लिए हर मंच पर आंदोलन करेगी। कांग्रेस का कहना है कि जैसे सरकार ने तीन काले कृषि कानूनों को विरोध और किसानों के दबाव में वापस लिया था, उसी तरह मनरेगा (MNREGA) को लेकर लिए गए फैसले को भी बदलने के लिए पार्टी हर संभव दबाव बनाएगी।




