सिजी भास्कर29 दिसंबर रायपुर। ED Raid Chhattisgarh Politics : प्रवर्तन निदेशालय की छापेमारी के बाद प्रदेश की राजनीति एक बार फिर आमने-सामने खड़ी नजर आई। रायपुर और महासमुंद में एक साथ हुई कार्रवाई ने सत्ता और विपक्ष दोनों को बयान देने पर मजबूर कर दिया। जहां सरकार ने इसे भ्रष्टाचार के खिलाफ निर्णायक कदम बताया, वहीं विपक्ष ने जांच की दिशा पर सवाल खड़े कर दिए।
मंत्री टंकराम वर्मा का सख्त संदेश
राज्य सरकार की ओर से प्रतिक्रिया देते हुए मंत्री टंकराम वर्मा ने दो टूक कहा कि भ्रष्टाचार करने वालों के लिए अब कोई सुरक्षित जगह नहीं है। उनका कहना था कि जांच एजेंसियां अपने स्तर पर काम कर रही हैं और दोषी चाहे कोई भी हो, उसे कानून का सामना करना पड़ेगा। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि भूमि और मुआवजा से जुड़े मामलों पर प्रशासन की सीधी नजर है।
रिपोर्ट तलब, आगे और कार्रवाई के संकेत
सरकारी सूत्रों के अनुसार, इस पूरे मामले पर संभागीय स्तर से निगरानी की जा रही है। जिन रिपोर्टों पर अब तक कार्रवाई नहीं हुई थी, उन्हें दोबारा मंगवाया जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि दस्तावेजों की समीक्षा के बाद आगे की कार्रवाई तय होगी। विधानसभा में पहले लाए गए विधेयक को भी इसी कड़ी का हिस्सा बताया जा रहा है।
दीपक बैज का आरोप—बड़ी मछलियां अब भी बाहर
दूसरी ओर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने ईडी की कार्रवाई को सीमित दायरे तक सिमटा हुआ बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि जांच केवल चुनिंदा नामों तक रखी जा रही है, जबकि असली फैसले लेने वाले लोग अभी भी जांच के घेरे से बाहर हैं। बैज का कहना था कि मुआवजा घोटाले में राजनीतिक संरक्षण की भूमिका की भी जांच होनी चाहिए।
‘खानापूर्ति’ बनाम ‘कठोर कार्रवाई’ की बहस
ईडी की छापेमारी के बाद प्रदेश में एक नई बहस छिड़ गई है। सत्ता पक्ष इसे भ्रष्टाचार पर सीधी चोट बता रहा है, जबकि विपक्ष का दावा है कि जांच का दायरा जानबूझकर सीमित रखा जा रहा है। दोनों पक्षों के आरोप-प्रत्यारोप से साफ है कि आने वाले दिनों में यह मामला और राजनीतिक रंग ले सकता है।
किन ठिकानों पर हुई कार्रवाई
जानकारी के अनुसार, सोमवार सुबह अलग-अलग टीमों ने रायपुर में हरमीत खनूजा और महासमुंद में कारोबारी जसबीर सिंह बग्गा से जुड़े परिसरों पर जांच शुरू की। टीमें दस्तावेजों, डिजिटल रिकॉर्ड और लेन-देन से जुड़े साक्ष्यों की पड़ताल कर रही हैं। जांच के दौरान परिसरों के बाहर सुरक्षा व्यवस्था भी कड़ी रखी गई।




