सीजी भास्कर, 29 दिसंबर। बस्तर जिले में धान उपार्जन व्यवस्था को पारदर्शी बनाए रखने के लिए प्रशासन द्वारा की जा रही सख्त निगरानी का असर अब साफ नजर आने लगा है। किसान की आड़ में अवैध धान व्यापार (Illegal Paddy Trade) करने वाले एक व्यापारी को प्रशासन ने रंगे हाथों पकड़ लिया है। यह कार्रवाई मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के दिशा-निर्देशों के अनुरूप अवैध धान विक्रय और परिवहन पर प्रभावी नियंत्रण के तहत की गई।
कलेक्टर हरिस एस के निर्देश पर अवैध धान परिवहन के खिलाफ चल रहे विशेष अभियान के दौरान बकावंड विकासखंड के अनुविभागीय दंडाधिकारी मनीष वर्मा ने धान उपार्जन केंद्र करपावंड का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान व्यापारी और किसान की मिलीभगत से किए जा रहे एक बड़े फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ, जिसमें किसान के नाम पर जारी टोकन का दुरुपयोग कर व्यापारी का धान खपाने का प्रयास किया जा रहा था।
जांच में सामने आया कि जिस टोकन पर धान विक्रय किया जा रहा था, वह कृषक उपेन्द्र भारती पिता अर्जुन भारती के नाम पर जारी था। वास्तविक स्थिति यह थी कि उपेन्द्र भारती आजीविका के लिए हैदराबाद में निवासरत हैं और उनकी कृषि भूमि पर खेती उनके भाई लखीधर भारती द्वारा की जा रही थी। लखीधर भारती ने अपनी उपज के लिए 182 क्विंटल का टोकन कटवाया था, जबकि खेत में वास्तविक उत्पादन लगभग 100 क्विंटल ही हुआ था।
शेष बचे करीब 80 क्विंटल धान के अंतर का गलत लाभ उठाने के उद्देश्य से व्यापारी राजेश गुप्ता ने साजिश रची। व्यापारी ने मंडी करपावंड से धान खरीदकर उसे अपने दो वाहनों क्रमांक सीजी 17 केवाय 7204 और सीजी 17 केजे 9389 में लोड कराया और ड्राइवरों को किसान उपेन्द्र भारती के टोकन की फोटोकॉपी देकर उपार्जन केंद्र भेज दिया।
प्रशासनिक टीम द्वारा मौके पर की गई सख्त पूछताछ में ड्राइवरों और किसान के भाई ने पूरी सच्चाई स्वीकार कर ली। इसके बाद एसडीएम मनीष वर्मा ने तत्काल कार्रवाई करते हुए अवैध धान से भरे दोनों वाहनों को जब्त कर लिया। जब्त वाहनों को आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए थाना करपावंड के सुपुर्द कर दिया गया है।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि धान उपार्जन प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की धोखाधड़ी, फर्जी टोकन या अवैध धान व्यापार (Illegal Paddy Trade) को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।


