सीजी भास्कर, 30 दिसंबर। Bhilai Overbridge Proposal Approved : वैशाली नगर विधानसभा क्षेत्र के लिए राहत की खबर सामने आई है। विधायक रिकेश सेन द्वारा राष्ट्रीय राजमार्ग पर अतिरिक्त ओवरब्रिज निर्माण की मांग को केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने सैद्धांतिक सहमति दे दी है।
प्रस्ताव को संबंधित विभाग को अग्रिम प्रक्रिया के लिए भेजे जाने के निर्देश दिए गए हैं, जिससे भिलाई में यातायात सुधार की दिशा में ठोस पहल मानी जा रही है।
नेहरू नगर चौक बना ट्रैफिक का दबाव बिंदु
नेहरू नगर मुख्य चौराहा लंबे समय से ट्रैफिक जाम का केंद्र बना हुआ है। शाम के समय यहां वाहनों की कतारें लग जाती हैं, जिससे आम लोगों को रोजमर्रा की आवाजाही में परेशानी झेलनी पड़ती है।

विधायक सेन ने पत्र के माध्यम से बताया कि ओवरब्रिज के अभाव में यह क्षेत्र लगातार भीड़ और अव्यवस्था से जूझ रहा है, जिसका असर पूरे शहर के ट्रैफिक फ्लो पर पड़ता है।
पहले बने ओवरब्रिज से मिला अनुभव
शहर के खुर्सीपार, पावर हाउस और सुपेला क्षेत्रों में बने ओवरब्रिज ने ट्रैफिक दबाव को काफी हद तक कम किया है। इन्हीं अनुभवों के आधार पर नेहरू नगर चौक से अग्रसेन चौक तक अतिरिक्त ओवरब्रिज की जरूरत रेखांकित की गई। यह विस्तार यातायात को सुचारु बनाने में अहम भूमिका निभा सकता है।
वायु प्रदूषण से राहत की उम्मीद : Bhilai Overbridge Proposal Approved
लगातार जाम में फंसे वाहन अधिक ईंधन जलाते हैं, जिससे कार्बन डाइऑक्साइड और अन्य हानिकारक गैसों का उत्सर्जन बढ़ता है। नेहरू नगर जैसे घनी आबादी वाले इलाके में यह स्थिति वायु गुणवत्ता सूचकांक को निर्धारित मानकों से ऊपर ले जाती है।
प्रस्तावित ओवरब्रिज से न केवल समय की बचत होगी, बल्कि प्रदूषण स्तर में भी गिरावट आने की उम्मीद है।
मौजूदा ब्रिज की सीमा और समाधान
वर्तमान में सेक्टर-7 से गुरुद्वारा नेहरू नगर तक बने ओवरब्रिज का उपयोग सीमित रह जाता है, क्योंकि इसका उतार गुरुद्वारा के पास होने से अधिकांश वाहन नीचे मुख्य चौक की ओर मुड़ जाते हैं।
यदि इस ब्रिज को अग्रसेन चौक तक विस्तारित किया जाता है, तो ट्रैफिक का बड़ा हिस्सा ऊपर से निकल सकेगा और जाम की समस्या काफी हद तक खत्म हो सकती है
शहरवासियों के लिए राहत भरा संकेत : Bhilai Overbridge Proposal Approved
केंद्रीय स्तर पर प्रस्ताव को हरी झंडी मिलने के बाद भिलाई में तीन नए ओवरब्रिज की संभावनाएं मजबूत हुई हैं। इससे न केवल यातायात व्यवस्था सुधरेगी, बल्कि स्वच्छ हवा, कम ईंधन खपत और बेहतर शहरी जीवन की दिशा में भी यह कदम महत्वपूर्ण माना जा रहा है।




