सीजी भास्कर, 31 दिसंबर | नए साल 2026 की पहली सुबह छत्तीसगढ़ में आस्था के रंग में रंगी नजर आई। Chhattisgarh Temple Crowd New Year के बीच श्रद्धालु नए संकल्प और मंगलकामनाओं के साथ मंदिरों की ओर बढ़ते दिखे। सुबह तड़के से ही देवी-देवताओं के दर्शन के लिए कतारें लगनी शुरू हो गईं, जिससे कई धार्मिक स्थलों पर उत्सव जैसा माहौल बन गया।
बम्लेश्वरी से राम मंदिर तक श्रद्धा का सैलाब
डोंगरगढ़ स्थित मां बम्लेश्वरी, रतनपुर की मां महामाया, रायपुर का राम मंदिर और अंबिकापुर का महामाया मंदिर—हर जगह श्रद्धालुओं की भारी उपस्थिति दर्ज की गई। अनुमान है कि केवल रायपुर और डोंगरगढ़ में ही पहले दिन चार लाख से अधिक भक्त दर्शन के लिए पहुंचे, जो Chhattisgarh Temple Crowd New Year की व्यापकता को दर्शाता है।
दंतेवाड़ा में बढ़ी आस्था की धड़कन
बस्तर अंचल में मां दंतेश्वरी मंदिर नए साल पर श्रद्धालुओं का प्रमुख केंद्र बना रहा। प्रतिदिन 5–6 हजार भक्तों की आमद दर्ज की जा रही है, जिनमें छत्तीसगढ़ के साथ-साथ बिहार, पश्चिम बंगाल, तेलंगाना और आंध्र प्रदेश से आए श्रद्धालु भी शामिल हैं। नए साल से VIP दर्शन सुविधा (Chhattisgarh Temple Crowd New Year) भी शुरू की गई है।
पौराणिक कथा से जुड़ी आस्था
मंदिर के प्रधान पुजारी के अनुसार, शास्त्रों में वर्णित कथा के मुताबिक माता सती के शरीर का एक अंग—दांत—यहीं गिरा था, जिससे देवी का नाम दंतेश्वरी और स्थान का नाम दंतेवाड़ा पड़ा। यही मान्यता इस क्षेत्र को विशेष धार्मिक पहचान देती है और Chhattisgarh Temple Crowd New Year को ऐतिहासिक गहराई प्रदान करती है।
घुंचापाली में आस्था और प्रकृति का संगम
महासमुंद जिले का घुंचापाली चंडी माता मंदिर नए साल पर खास चर्चा में रहा। यहां दर्शन के दौरान श्रद्धालुओं को प्राकृतिक परिवेश के साथ-साथ क्षेत्र में विचरण करने वाले भालुओं की उपस्थिति भी देखने को मिलती है। यह स्थान Chhattisgarh Temple Crowd New Year के बीच आस्था और प्रकृति के दुर्लभ मेल का उदाहरण बनता है।
श्रद्धालुओं के लिए ठहरने की व्यवस्था
दंतेवाड़ा और आसपास के क्षेत्रों में बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए होटल और धर्मशालाओं की व्यवस्था की गई है। होटल में ₹1000–1500 तक और धर्मशालाओं में ₹200 से कमरे उपलब्ध हैं। गीदम, दंतेवाड़ा, जगदलपुर और बीजापुर—हर मार्ग पर सुविधाएं सुनिश्चित की गई हैं, ताकि Chhattisgarh Temple Crowd New Year के दौरान किसी को असुविधा न हो।
आसान रास्ता, सुगम दर्शन
मां दंतेश्वरी मंदिर NH-30 से जुड़ा हुआ है। रायपुर से लगभग 350 किमी और जगदलपुर से 80 किमी की दूरी पर स्थित यह मंदिर सड़क मार्ग से सुगमता से पहुँचा जा सकता है। सीधे बस सेवाएं भी उपलब्ध हैं, जिससे नए साल पर दर्शन की योजना और आसान हो जाती है।





