सीजी भास्कर, 31 दिसंबर। राज्य सरकार ने राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (रासुका) के तहत जिला कलेक्टरों (National Security Act) के अधिकार 31 मार्च 2026 तक के लिए आगे बढ़ा दिया है। गृह विभाग ने कहा है कि सरकार के पास ऐसी रिपोर्ट है कि कतिपय तत्व सांप्रदायिक मेल-मिलाप को संकट में डालने के लिए सुरक्षा पर प्रतिकूल प्रभाव डालने वाला कार्य कर सकते हैं।
गृह विभाग की इस आशंका से साफ है कि राज्य में धर्म, जाति या अन्य सांप्रदायिक मामलों पर वाद-विवाद की स्थिति में रासुका कानून का अधिकार कलेक्टरों को होगा। पहले कलेक्टरों को यह अधिकार 30 सितंबर 2025 तक के लिए प्रदान की किया गया था। 1 जनवरी 2026 से कलेक्टर इस शक्ति का प्रयोग कर सकेंगे, जो कि 31 मार्च 2026 तक लागू रहेगा। रासुका कानून में पुलिस कभी भी किसी को भी गिरफ्तार कर सकती है। आरोपी को एक वर्ष तक हिरासत में रखा जा सकता है।
रासुका में यह नियम और प्रावधान
कानूनविदों के मुताबिक रासुका कानून (National Security Act) में किसी व्यक्ति को न्यूनतम तीन माह तक हिरासत में रखा जा सकता है। संदिग्ध व्यक्तिों के लिए हिरासत में रखने के लिए आरोप तय करने की भी जरूरत नहीं होती। हालांकि पुलिस प्रशासन को बताना पड़ेगा कि गिरफ्तारी किस आरोप में की गई है। किस जेल में रखा गया है, इसकी भी जानकारी देनी होगी। हिरासत में व्यक्ति सिर्फ हाईकोर्ट की एडवाइजरी बोर्ड के सामने अपील कर सकता है।
क्यों लगाया जाता है रासुका?
यह कानून राष्ट्रीय सुरक्षा में बाधा डालने, सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने वालों पर नकेल कसने के लिए है। राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम-1980 सरकार को अधिक शक्ति देने से संबंधित एक कानून है। शासन-प्रशासन व सरकार को लगता है कि कोई व्यक्ति कानून-व्यवस्था में बाधा खड़ी कर रहा है तो उसे (National Security Act) के तहत गिरफ्तार करने का आदेश दिया जा सकता है। राष्ट्रीय सुरक्षा कानून 23 सितंबर, 1980 को अस्तित्व में आया था।
इन जिलों के कलेक्टर को जारी हुआ आदेश
प्रदेश के सभी जिलों के कलेक्टरों को यह आदेश जारी हुआ है। इनमें रायपुर सहित बिलासपुर, राजनांदगांव, दुर्ग, रायगढ़, सरगुजा, जशपुर, कोरिया, महासमुंद, धमतरी, जगदलपुर, दंतेवाड़ा, कांकेर, जांजगीर-चांपा, कोरबा, कबीरधाम, बीजापुर, नारायणपुर, सुकमा, कोंडागांव, बलौदाबाजार, गरियाबंद, बेमेतरा, बालोद, मुंगेली, सूरजपुर, बलरामपुर, मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई, सारंगढ़-बिलाईगढ़, मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर शामिल हैं।
धर्मांतरण मामलों से तनाव
प्रदेश में धर्मांतरण से लेकर सांप्रदायिक मामलों की वजह से तनाव बढ़ा है। धमतरी और कांकेर जिले में ग्रामीण क्षेत्र तक आग सुलगी। हिंसा के बाद लॉ एंड आर्डर की मजबूती के लिए जिला व पुलिस प्रशासन को अलर्ट किया गया है। (National Security Act)




