सीजी भास्कर, 02 जनवरी। छत्तीसगढ़ के नारायणपुर जिला में शासन की योजनाओं को ज़मीन तक पहुंचाने की दिशा में एक नई पहल की शुरुआत (Chhattisgarh Government Schemes) हुई है। जिले में “सुशासन एक्सप्रेस” वाहन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया, जिसका उद्देश्य दूरस्थ और ग्रामीण इलाकों में रहने वाले लोगों को एक ही स्थान पर सरकारी सेवाएं और जरूरी दस्तावेज उपलब्ध कराना है। यह पहल प्रशासन और आम नागरिकों के बीच की दूरी को कम करने की दिशा में अहम मानी जा रही है।
एक वाहन, कई सेवाएं
सुशासन एक्सप्रेस को मोबाइल सरकारी दफ्तर के रूप में तैयार किया गया है। इस वाहन के जरिए ग्रामीणों को आधार कार्ड, जाति और निवास प्रमाण पत्र, जन्म–मृत्यु प्रमाण पत्र, आयुष्मान कार्ड, श्रम कार्ड, जॉब कार्ड, वोटर आईडी, बैंक खाता, उज्जवला कार्ड जैसी सुविधाएं मौके पर ही मिलेंगी। खास बात यह है कि वाहन में वाई-फाई कनेक्टिविटी और तकनीकी संसाधनों की भी व्यवस्था की गई है, जिससे कामकाज में देरी न हो।
प्रशासन की पूरी टीम रहेगी मौजूद
सुशासन एक्सप्रेस में आधार ऑपरेटर के साथ स्व-सहायता समूह की महिलाएं, ग्राम सचिव, पटवारी, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और नोडल अधिकारी के तौर पर एसडीएम की उपस्थिति (Chhattisgarh Government Schemes) रहेगी। इससे ग्रामीणों को अलग-अलग दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे और समस्याओं का त्वरित समाधान संभव होगा।
चौपाल से हाट-बाजार तक पहुंचेगी एक्सप्रेस
प्रशासन के अनुसार यह वाहन गांवों में चौपाल, साप्ताहिक हाट-बाजार और सार्वजनिक स्थलों पर रुककर लोगों से सीधे संवाद करेगा। यहां न सिर्फ दस्तावेज बनाए जाएंगे, बल्कि लोगों को उनकी पात्रता के अनुसार शासन की योजनाओं की जानकारी भी दी जाएगी, ताकि कोई भी व्यक्ति लाभ से वंचित न रहे।
“अंतिम व्यक्ति तक लाभ” पर जोर
जिला प्रशासन ने कहा कि किसी भी योजना की सफलता तभी मानी जाती है, जब उसका लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे। सुशासन एक्सप्रेस इसी सोच के साथ शुरू की गई है। नागरिकों से अपील की गई है कि वे इस सुविधा का अधिकतम लाभ लें और अपनी जरूरतों को सीधे प्रशासन के सामने रखें।
विकास और विश्वास की नई कड़ी
शुभारंभ कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों और वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी रही। माना जा रहा है कि सुशासन एक्सप्रेस न सिर्फ सरकारी सेवाओं को सरल (Chhattisgarh Government Schemes) बनाएगी, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में विश्वास, पारदर्शिता और संवाद को भी मजबूत करेगी। यह पहल प्रशासन को लोगों के और करीब लाने की दिशा में एक ठोस कदम साबित हो सकती है।


