सीजी भास्कर, 02 जनवरी | Tamnār Violence Case Chhattisgarh : छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले के तमनार ब्लॉक में कोयला खदान परियोजना के विरोध के दौरान जो हुआ, उसने कानून-व्यवस्था और समाज दोनों को झकझोर कर रख दिया। JPL कोल ब्लॉक के खिलाफ चल रहे आंदोलन में एक महिला आरक्षक के साथ भीड़ द्वारा की गई बदसलूकी का वीडियो सामने आया है।
वर्दी फाड़कर अर्धनग्न किया, आधा किलोमीटर तक दौड़ाया
प्रत्यक्षदर्शियों और वायरल वीडियो के अनुसार, प्रदर्शनकारियों ने महिला आरक्षक को करीब आधा किलोमीटर तक दौड़ाया। खेत में गिरने के बाद उसकी वर्दी फाड़ दी गई और उसे अर्धनग्न अवस्था में छोड़ दिया गया। वीडियो में महिला आरक्षक रोते हुए लोगों से भाई कहकर छोड़ देने की गुहार लगाती सुनाई देती है।
40 सेकंड का वीडियो बना सबूत
सोशल मीडिया पर वायरल करीब 40 सेकंड के वीडियो में प्रदर्शनकारी महिला से अभद्र भाषा में सवाल करते और धमकाते नजर आते हैं। कुछ लोग उसे मौके से भगाने की बात कहते हैं, जिसके बाद भीड़ वहां से हटती दिखाई देती है। इससे पहले एक अन्य वीडियो में महिला थाना प्रभारी के साथ मारपीट के दृश्य भी सामने आ चुके हैं।
27 दिसंबर को बिगड़े हालात
यह हिंसक झड़प 27 दिसंबर 2025 को हुई। जानकारी के मुताबिक, 8 दिसंबर को धौराभाठा में हुई जनसुनवाई के विरोध में 14 गांवों के लोग 12 दिसंबर से धरने पर बैठे थे। 27 दिसंबर की सुबह लिबरा चौक पर बड़ी संख्या में ग्रामीण जमा हुए और सड़क जाम कर दिया।
भीड़ एक हजार के पार, बैरिकेड तोड़े
दोपहर तक आसपास के गांवों से लोग पहुंचते गए और भीड़ करीब एक हजार तक पहुंच गई। प्रशासन द्वारा बार-बार शांति की अपील के बावजूद हालात बिगड़ते चले गए। दोपहर करीब ढाई बजे भीड़ ने बैरिकेड तोड़ दिए और पुलिस पर पत्थर व डंडों से हमला कर दिया।
पुलिस वाहन और प्लांट में आगजनी
उग्र भीड़ ने मौके पर खड़ी पुलिस बस, जीप और एम्बुलेंस को आग के हवाले कर दिया। इसके बाद प्रदर्शनकारी जिंदल के कोल हैंडलिंग प्लांट में घुसे, जहां कन्वेयर बेल्ट, ट्रैक्टर और अन्य वाहनों को नुकसान पहुंचाया गया। दफ्तरों में भी तोड़फोड़ की गई ।
अधिकारियों की मौजूदगी में भी नहीं रुकी हिंसा
स्थिति संभालने के लिए जनप्रतिनिधि, जिला प्रशासन और वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे, लेकिन उनके सामने भी पथराव और आगजनी की घटनाएं होती रहीं। कई पुलिसकर्मी और महिला आरक्षक घायल हुए, जिन्हें इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया।
जनसुनवाई रद्द करने का फैसला
लगातार बढ़ते विरोध और हिंसा के बाद कंपनी प्रबंधन ने गारे पेलमा सेक्टर-1 कोल ब्लॉक के लिए प्रस्तावित जनसुनवाई नहीं कराने का निर्णय लिया है। 14 गांवों के ग्रामीण इस फैसले को अपनी जीत बता रहे हैं, वहीं घटना को लेकर दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग भी तेज हो गई है।





