सीजी भास्कर, 2 जनवरी। छत्तीसगढ़ में कड़ाके की ठंड जानलेवा साबित हो रही है। अंबिकापुर से लगे श्रीगढ़ क्षेत्र में नए साल की रात एक अज्ञात बुजुर्ग की ठंड से मौत हो गई। यह प्रदेश में बीते 22 दिनों के भीतर ठंड से हुई दूसरी मौत है, जिससे शीतलहर के खतरे और प्रशासनिक सतर्कता की जरूरत एक बार फिर सामने आई है।
जानकारी के अनुसार, बुजुर्ग का शव खुले स्थान पर पैरावट की स्थिति में अकड़ा हुआ मिला। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि अत्यधिक ठंड के कारण वह हाइपोथर्मिया (Cold Wave Death in Chhattisgarh) की चपेट में आ गया था। मृतक की अब तक पहचान नहीं हो सकी है। उसके पास से बस का टिकट बरामद हुआ है, जिससे आशंका जताई जा रही है कि वह किसी अन्य क्षेत्र से अंबिकापुर आया था।
बताया गया कि बुजुर्ग कम कपड़ों में खुले में सो गया था। देर रात तापमान में तेज गिरावट के कारण शरीर का तापमान असामान्य रूप से नीचे चला गया और उसकी मौके पर ही मौत हो गई। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजते हुए पहचान की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
अंबिकापुर में ठंड से दूसरी मौत
यह अंबिकापुर में ठंड से मौत का दूसरा मामला है। इससे पहले 11 दिसंबर की रात अंबिकापुर बस स्टैंड परिसर में खुले में सो रहे एक व्यक्ति की भी ठंड से जान चली गई थी। लगातार सामने आ रहे मामलों से स्पष्ट है कि शीतलहर से होने वाली मौतें (Cold Wave Death in Chhattisgarh) अब गंभीर चिंता का विषय बनती जा रही हैं।
मौसम में बदलाव के संकेत, बारिश और कोहरे की संभावना
प्रदेश के मौसम में एक बार फिर बदलाव के संकेत मिल रहे हैं। मौसम विभाग के अनुसार उत्तर पाकिस्तान और पंजाब के ऊपर बने पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से छत्तीसगढ़ के एक-दो इलाकों में हल्की बूंदाबांदी हो सकती है। यह स्थिति अगले दो दिनों तक बनी रह सकती है। इसके साथ ही कुछ क्षेत्रों में घना कोहरा छाने के आसार भी जताए गए हैं, जिससे ठंड का असर और बढ़ सकता है।
तापमान में उतार-चढ़ाव से फिर बढ़ेगी ठंड
मौसम विभाग ने बताया कि अगले 48 घंटों में प्रदेश के न्यूनतम तापमान में 1 से 2 डिग्री सेल्सियस तक की बढ़ोतरी हो सकती है। हालांकि इसके बाद आने वाले अगले तीन दिनों में तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की जा सकती है, जिससे शीतलहर का प्रभाव फिर तेज हो जाएगा। बीते 24 घंटों में दुर्ग संभाग के एक-दो क्षेत्रों में शीतलहर का असर देखा गया। इस दौरान प्रदेश में सबसे कम न्यूनतम तापमान अंबिकापुर में 5.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि सबसे अधिक अधिकतम तापमान दुर्ग में 29.8 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड हुआ।
बच्चों की सेहत पर भी असर
कड़ाके की ठंड का सीधा असर बच्चों की सेहत पर भी पड़ रहा है। बीते एक महीने में रायपुर स्थित अंबेडकर अस्पताल सहित निजी अस्पतालों में हाइपोथर्मिया के 400 से अधिक मामले सामने आए हैं। बाल एवं शिशु रोग विशेषज्ञों के अनुसार, बच्चों का शरीर वयस्कों की तुलना में जल्दी ठंडा हो जाता है। नवजात शिशुओं की मांसपेशियां पूरी तरह विकसित नहीं होतीं, जिससे वे ठंड सहन नहीं कर पाते। विशेषकर सीजेरियन डिलीवरी से जन्मे बच्चों में हाइपोथर्मिया का खतरा अधिक रहता है।
स्वास्थ्य विभाग की एडवाइजरी
स्वास्थ्य विभाग ने शीतलहर को देखते हुए एडवाइजरी जारी की है। विभाग ने चेतावनी दी है कि तापमान में अचानक उतार-चढ़ाव से हाइपोथर्मिया, सर्दी-जुकाम और वायरल फीवर का खतरा बढ़ सकता है। विभाग ने लोगों से अपील की है कि शीतलहर के दौरान केवल अत्यंत आवश्यक होने पर ही यात्रा करें, बच्चों और बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखें तथा बाहर निकलते समय पूरे गर्म कपड़े पहनें।


